KNEWS DESK- दिल्ली में मानसून से पहले तैयारियों को लेकर उपराज्यपाल ने यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में डीडीए की एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राजधानी की प्रमुख पर्यावरणीय और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान यमुना रिवरफ्रंट विकास, यमुना बाजार के पुनरुद्धार, जलाशयों के संरक्षण और मानसून पूर्व तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने अधिकारियों से विभिन्न विभागों की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) का विस्तृत विश्लेषण किया और सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
यमुना तट विकास परियोजना को बैठक का प्रमुख फोकस बनाया गया, जो प्रधानमंत्री की “विकसित और विश्वस्तरीय राजधानी” की परिकल्पना से जुड़ी हुई है। इसके साथ ही यमुना बाजार और आसपास के घाटों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी साझा की।
बैठक में जल संरक्षण को लेकर भी बड़ा जोर दिया गया। प्रथम चरण के तहत 101 जलाशयों के पुनर्जीवन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा द्वारका और रोहिणी क्षेत्रों में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
साथ ही आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवाओं, लक्जरी रिटेल और लॉजिस्टिक्स हब से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने कहा कि इन योजनाओं से दिल्ली में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मानसून की तैयारियों पर चर्चा करते हुए एलजी ने 2026 की डी-सिल्टिंग कार्ययोजना की समीक्षा की और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने 15 जून से पहले केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय करने को भी कहा।
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं का समय पर और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन ही एक विकसित, सुरक्षित और टिकाऊ दिल्ली की नींव है।