KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में दिल्ली सरकार ने “विकसित दिल्ली @2047” का महत्वाकांक्षी विजन पेश किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रस्ताव और योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में बेटियों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए “लखपति बिटिया योजना” शुरू की गई है, जिसके तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पर 1 लाख रुपये की गारंटी दी जाएगी। इसके साथ ही आंगनवाड़ियों के सुधार के लिए “समर्थ” पहल शुरू की गई है, जो पोषण, शिक्षा और बाल देखभाल जैसे छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।
महिलाओं के लिए “रानी हाट” नाम से आउटलेट तैयार किए जा रहे हैं, वहीं सार्वजनिक परिवहन को और सुलभ बनाने के लिए “सहेली पिंक कार्ड” लॉन्च किया गया है। शिक्षा क्षेत्र में छात्राओं की ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए मुफ्त साइकिल वितरण की योजना भी जारी है। साथ ही 75 “सीएम श्री स्कूल” स्थापित किए गए हैं और 8,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जा चुके हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों के लिए एआई आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग सिस्टम भी लागू किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में पीपीपी मॉडल के तहत मुफ्त एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा देने की घोषणा की है। इसके अलावा द्वारका में ब्रेन हेल्थ क्लिनिक और नवजात शिशुओं की निगरानी के लिए “अनमोल योजना” शुरू की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर दिल्ली में केंद्र के सहयोग से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं चल रही हैं और मेट्रो नेटवर्क 500 किलोमीटर तक विस्तारित हो चुका है। 2027 तक 5,800 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर को अलग करने और दिल्ली को अधिक केंद्रीय सहायता देने की मांग भी रखी। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण और औद्योगिक विकास योजनाओं में दिल्ली को विशेष शामिल करने का आग्रह किया गया।
कुल मिलाकर, बैठक में दिल्ली के भविष्य को 2047 तक एक आधुनिक, डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल राजधानी बनाने का रोडमैप सामने रखा गया।