डिजिटल डेस्क- भारतीय विमानन इतिहास के सबसे भीषण और दर्दनाक हादसों में से एक, ‘अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश’ को कल (12 जून) पूरा एक साल होने जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे की पहली बरसी से ठीक पहले जांच रिपोर्ट को लेकर एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) शुक्रवार को इस दिल दहला देने वाले हादसे की अंतरिम (Interim) या फाइनल जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर सकता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के एनेक्स 13 के कड़े नियमों में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि यदि किसी विमान दुर्घटना के 12 महीनों के भीतर अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाती है, तो संबंधित देश को दुर्घटना की प्रत्येक बरसी पर एक अंतरिम बयान जारी करना अनिवार्य होता है। इस बयान में जांच की अब तक की प्रगति और खोजे गए तथ्यों का विस्तृत विवरण होता है। इसी नियम के तहत कल शुक्रवार को इस हादसे से जुड़े कई बड़े रहस्यों से पर्दा उठने की उम्मीद है।
टेकऑफ के महज ४० सेकंड बाद मची थी तबाही
यह दिल दहला देने वाला हादसा पिछले साल 12 जून 2025 को घटित हुआ था। एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-171 (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए अपनी नियमित उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन टेकऑफ के महज 32 से 40 सेकंड के भीतर ही विमान का एटीसी से संपर्क टूट गया।
क्रैश का वो खौफनाक मंजर
नियंत्रण खोने के बाद विशालकाय ड्रीमलाइनर विमान हवाई अड्डे के बेहद नजदीक स्थित बी. जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर (मेघाणीनगर इलाका) पर जा गिरा। जमीन से टकराते ही विमान में एक जोरदार धमाका हुआ और वह आग के एक विशाल गोले में तब्दील हो गया। इस खौफनाक हादसे में विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने भी अपनी जान गंवा दी थी। हादसे को एक साल बीत जाने के बाद भी मृतको के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार और विमानन विशेषज्ञ लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अत्याधुनिक तकनीकी से लैस बोइंग ड्रीमलाइनर विमान में टेकऑफ के तुरंत बाद ऐसा क्या तकनीकी फॉल्ट या मानवीय चूक हुई कि पायलटों को संभलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला।