SIR प्रक्रिया जारी,आरोप लगते भारी ! 

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए 8 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण SIR अभियान शुरू हो गया है. इस दौरान 11,733 बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर गणना प्रपत्र बांटेंगे और भरवाएंगे, साथ ही यह अभियान 7 जुलाई तक चलेगा. प्रक्रिया के तहत अगर मतदाता पहली बार में घर पर नहीं मिले तो बीएलओ तीन बार दौरा करेंगे, घर पर स्टीकर लगाकर अगली विजिट की तारीख और मोबाइल नंबर भी लिखा जाएगा. वही 14 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित होगा, 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे-आपत्तियां दर्ज होंगी और 11 सितंबर तक सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा और 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी. राज्य निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है. जिले की 10 विधानसभा क्षेत्रों के 1,882 मतदान केंद्रों पर भाजपा ने 1,839, कांग्रेस ने 1,717 और सीपीआई एम ने 378 बीएलए-2 नियुक्त कर दिए हैं बल्कि अन्य दलों ने अभी एजेंट नियुक्त नहीं किए हैं. वही जहाँ एक ओर विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को प्रदेशभर में शुरू हो गई है, वही इसको लेकर सियासत भी गरमा गई है. एक ओर भाजपा इसे लोकतंत्र की मजबूती बता रही है, जबकि विपक्षी दल इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं.

उत्तराखण्ड राज्य में एस आई आर के लिए तय कार्यक्रम……….

उत्तराखंड में 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग,कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य होंगे।

8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ की ओर से घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संकलन करेंगे।

14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा।

14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है।

10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।

15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश के मतदाता नौकरी या अन्य पेशे से जुड़े होने के कारण दिन में घर पर उपलब्ध नहीं हैं तो वे बुक ए कॉल विद BLO के फीचर से एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करा सकते हैं. इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर विजिट करके या ECI-Net मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर अपनी कॉल बुक करा सकते हैं. कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर बीएलओ की ओर से मतदाता से खुद संपर्क किया जाएगा.वही धामी का मानना है की एस आई आर के लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई है. भारत निर्वाचन आयोग के अधीन एसआईआर हो रही है. ये अभियान सही तरीके से हों और पात्र लोगों के नाम वोटर लिस्ट में आए. इसके अलावा, जो अपात्र हैं, जिन्होंने घुसपैठ की है, जो संदिग्ध अवस्था में रहते हैं, उन लोगों के भी नाम हैं. ऐसे में एसआईआर अभियान से मतदाता सूची का शुद्धिकरण हो जाएगा, जिससे एक बेहतर सूची निकलकर आएगी.साथ विपक्षी दल एस आई आर को भाजपा का गड़बड़ घोटाला बता रहा है.

जनवरी 2025 में उत्तराखंड में वोटर की संख्या 84 लाख 29 हजार से अधिक थी लेकिन एब्सेंट शिफ्टेड और डेथ कैटेगरी के सत्यापन के बाद करीब 4,30 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं इसके बाद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या घट का करीब 80 लाख रह गई है वहीं प्री एस आई आर मैपिंग में भी 8 लाख 81000 से अधिक मतदाता ट्रेस नहीं हो पाए हैं अगर अंतिम सत्यापन से भी यह मतदाता सामने नहीं आते हैं तो प्रदेश की वोटर संख्या 72 लाख के आसपास पहुंच सकती है ऐसे में कई विधानसभा सीटों का चुनावी गणित प्रभावित हो सकता है कांग्रेस ने भी इस प्रक्रिया पर सवाल उठने शुरू कर दिए हैं.कुल मिला कर एस आई आर प्रकिर्या प्रदेश में गतिमान है.जिसको लेकर राजनीति के सुर भी देखने को मिल रहे है.ऐसे में इस प्रक्रिया के दौरान अगर कोई भी पात्र व्यक्ति, मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं तो वे अपने बीएलओ से संपर्क कर फार्म- 6 भर सकते हैं. जिसके बाद दावे आपत्तियों के निस्तारण के समय उनके फार्मों पर विचार किया जाएगा.

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