KNEWS DESK- ट्रेन में सफर के दौरान ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने अपने नाम का गलत इस्तेमाल कर यात्रियों से ठगी करने वाले कई फर्जी ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। रेलवे का कहना है कि ये वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स खुद को IRCTC से जुड़ा बताकर यात्रियों से पैसे और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर रहे थे।

कैसे करते थे यात्रियों को शिकार?
IRCTC के अनुसार कई अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स यात्रियों को ऑनलाइन भोजन उपलब्ध कराने का दावा करते थे। ये वेबसाइट्स और ऐप्स यात्रियों से पीएनआर नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और ऑनलाइन भुगतान संबंधी जानकारी मांगते थे। इसके बाद कई मामलों में यात्रियों को न तो भोजन मिलता था और न ही उनका पैसा वापस किया जाता था।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स IRCTC की आधिकारिक सूची में शामिल नहीं थे, लेकिन वे IRCTC के नाम और ब्रांड का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित कर रहे थे।
नोटिस के बाद शुरू हुई कार्रवाई
IRCTC ने सबसे पहले 18 फरवरी 2026 को इन वेबसाइट्स और ऐप्स को कानूनी नोटिस भेजे थे। जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो 16 मार्च 2026 को पहली आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद 11 अप्रैल 2026 को दूसरी शिकायत भी दर्ज की गई। जांच के दौरान अवैध ऑपरेटर्स की पहचान होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
इन वेबसाइट्स और ऐप्स पर हुआ एक्शन
IRCTC ने जिन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की है, उनमें RailRestro, RailMitra, TravelKhana, TrainsCafe, DibRail, RailFood, ComeSum, TravelerFood, FoodOnTrack, eCatering App, KhanaOnline, TrainWay, RailMeal और TrainMenu जैसी वेबसाइट्स और ऐप्स शामिल हैं।

IRCTC की आधिकारिक ई-कैटरिंग सेवा कितनी बड़ी?
रेलवे के मुताबिक अप्रैल 2026 तक IRCTC की ई-कैटरिंग सेवा देश के 400 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध थी। इस नेटवर्क से 629 प्रत्यक्ष विक्रेता और 13 अधिकृत फूड एग्रीगेटर्स जुड़े हुए हैं, जिनके माध्यम से 5,600 से ज्यादा विक्रेता यात्रियों तक भोजन पहुंचाते हैं।
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में प्रतिदिन औसतन 1.55 लाख से अधिक भोजन ऑर्डर किए गए। यह सुविधा आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को उनकी सीट तक भोजन पहुंचाने के लिए संचालित की जाती है।
यात्रियों के लिए सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल IRCTC के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ही भोजन ऑर्डर करें। किसी भी अनजान वेबसाइट या ऐप पर पीएनआर, बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय नुकसान से बचा जा सकता है।