Knews Desk- बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है कि देश को अब केवल AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ही नहीं, बल्कि HI (हिंदुत्व इंटेलिजेंस) की भी आवश्यकता है। उनका कहना है कि HI का अर्थ हिंदू समाज को संगठित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस दौर में समाज को अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक जड़ों से भी जुड़े रहना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में जातिवाद को समाज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताते हुए इसे समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत होगा जब लोग जाति और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुटता के साथ आगे बढ़ेंगे। उनके अनुसार सामाजिक समरसता और एकता ही देश की वास्तविक ताकत है।
उन्होंने देश के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी घरानों से भी युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने का आग्रह किया। शास्त्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिलें तो वे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को कौशल विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर देने की सलाह दी। साथ ही कहा कि भारत को तकनीकी प्रगति के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करना होगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया और जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है।