Knews Desk- सरकार ने आम लोगों की वर्षों से पड़ी लावारिस वित्तीय संपत्तियों को खोजने और उन पर दावा करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नया पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के जरिए नागरिक अपने भूले-बिसरे बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, डिविडेंड, शेयर, पेंशन फंड और अन्य वित्तीय संपत्तियों की जानकारी एक ही जगह पर प्राप्त कर सकेंगे।
कई बार लोग नौकरी बदलने, पता बदलने, दस्तावेज गुम होने या परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद बैंक खातों, बीमा योजनाओं और निवेशों का दावा नहीं कर पाते। ऐसे मामलों में करोड़ों रुपये की राशि विभिन्न संस्थानों के पास बिना दावे के पड़ी रहती है। सरकार का नया पोर्टल ऐसी ही संपत्तियों को उनके असली मालिकों या कानूनी उत्तराधिकारियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
इस पोर्टल पर उपयोगकर्ता अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज कर विभिन्न वित्तीय संस्थानों में मौजूद अनक्लेम्ड एसेट्स की जानकारी खोज सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति के नाम पर कोई राशि या संपत्ति दर्ज मिलती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर उस पर दावा भी कर सकता है। इससे अलग-अलग विभागों और संस्थानों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ आम लोगों को उनकी भूली हुई जमा पूंजी वापस दिलाने में मददगार साबित होगी। इससे वित्तीय संस्थानों के पास वर्षों से अटकी रकम के निपटारे की प्रक्रिया भी तेज होगी।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस पोर्टल का उपयोग कर अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संभावित अनक्लेम्ड एसेट्स की जांच करें। खासकर पुराने बैंक खाते, बीमा पॉलिसियां, शेयर निवेश और सेवानिवृत्ति फंड से जुड़ी जानकारी को अवश्य सत्यापित करें, ताकि किसी भी वैध दावे वाली राशि का लाभ समय रहते प्राप्त किया जा सके।