KNEWS DESK- अधिकमास पूर्णिमा का व्रत आज रखा जा रहा है, जबकि स्नान और दान का पुण्य कार्य 31 मई को किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास की पूर्णिमा तीन साल में एक बार आती है और इस दिन स्नान, दान, जप-तप तथा भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है।

आज व्रत और कल स्नान-दान क्यों?
पंचांग के अनुसार अधिकमास पूर्णिमा तिथि आज सुबह 11 बजकर 57 मिनट से प्रारंभ हो रही है। आज शाम 6 बजकर 40 मिनट पर चंद्रोदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए शास्त्रीय नियमों के अनुसार आज पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा।
वहीं पूर्णिमा तिथि 31 मई को दोपहर 2 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। चूंकि कल सूर्योदय के समय भी पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसलिए स्नान और दान का महत्व 31 मई को माना जाएगा। यही कारण है कि श्रद्धालु कल पवित्र स्नान कर दान-पुण्य करेंगे।
क्या है स्नान-दान का शुभ मुहूर्त?
अधिकमास पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना सबसे शुभ माना गया है। 31 मई को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 03 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
यदि किसी कारणवश इस समय स्नान न कर सकें तो अमृत काल सुबह 4 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक शुभ रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा, जिसमें स्नान और धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।
अधिकमास पूर्णिमा पर क्या करें?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन गंगा स्नान या पवित्र जल से स्नान करने के बाद भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र, जल, फल, पंखा और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
अधिकमास पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक उन्नति, सकारात्मक ऊर्जा और पुण्य प्राप्ति का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए स्नान-दान और पूजा-पाठ से जीवन में सुख-समृद्धि आती है तथा अनेक प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है। इसलिए श्रद्धालु पूरे वर्ष इस विशेष पूर्णिमा का इंतजार करते हैं।