KNEWS DESK- एक समय था जब घरों की छतों पर लगी डिश एंटिना मनोरंजन की पहचान मानी जाती थी। लेकिन अब बदलती तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता ने DTH उद्योग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण देश की प्रमुख DTH कंपनियों में शामिल Dish TV के ताजा वित्तीय नतीजों में देखने को मिला है।

वित्त वर्ष 2025-26 में Dish TV को 807 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले काफी अधिक है। कंपनी के राजस्व में लगातार गिरावट दर्ज की गई है और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण OTT प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता को माना जा रहा है।
आज बड़ी संख्या में दर्शक नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, जियोहॉटस्टार और अन्य डिजिटल स्ट्रीमिंग सेवाओं की ओर रुख कर रहे हैं। ऑन-डिमांड कंटेंट, मोबाइल एक्सेस और कम कीमत वाले प्लान्स के कारण पारंपरिक DTH सेवाओं की मांग लगातार घट रही है।
कंपनी के सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ग्राहकों की संख्या कम होने से परिचालन आय प्रभावित हुई है, जबकि दूसरी ओर खर्चों में बढ़ोतरी ने कंपनी के मुनाफे पर अतिरिक्त दबाव बनाया है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि DTH कंपनियां तेजी से डिजिटल बदलाव नहीं अपनातीं, तो आने वाले वर्षों में उनका बाजार और सिमट सकता है। अब कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को बनाए रखने और OTT प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने की है।
हालांकि ग्रामीण और सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में DTH सेवाओं की उपयोगिता अभी भी बनी हुई है, लेकिन शहरी इलाकों में मनोरंजन का केंद्र तेजी से इंटरनेट आधारित स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स बनते जा रहे हैं।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आने वाले समय में छतों पर लगी डिश एंटिना इतिहास का हिस्सा बन जाएंगी, या फिर DTH कंपनियां खुद को नए दौर के मुताबिक ढालकर वापसी करेंगी? इसका जवाब आने वाले वर्षों में साफ हो जाएगा।