KNEWS DESK- कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा राज्यपाल द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं काफी मजबूत हो गई हैं।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपना इस्तीफा राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को सौंपा था। हालांकि उस समय राज्यपाल थावरचंद गहलोत राज्य से बाहर राजस्थान दौरे पर थे, जिसके चलते इस्तीफे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नई सरकार के गठन तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है।
नई सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। कर्नाटक कांग्रेस के दोनों प्रमुख नेता सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक इन बैठकों में नए मंत्रिमंडल के गठन, विभागों के बंटवारे और संगठनात्मक संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
कर्नाटक में मई 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के समय से ही सत्ता साझेदारी को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। राजनीतिक गलियारों में यह माना जाता रहा कि पार्टी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री पद को लेकर ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय किया था। हालांकि कांग्रेस की ओर से इस समझौते की कभी औपचारिक पुष्टि नहीं की गई।
अब सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद यह साफ माना जा रहा है कि कांग्रेस उसी फार्मूले के तहत नेतृत्व परिवर्तन कर रही है। ऐसे में डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
राज्य में नेतृत्व परिवर्तन कांग्रेस के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा भी माना जा रहा है। पार्टी अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि सत्ता परिवर्तन के दौरान किसी तरह का आंतरिक विवाद सामने न आए और सरकार की स्थिरता बनी रहे।
डीके शिवकुमार को संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पकड़ वाला नेता माना जाता है। ऐसे में उनके नेतृत्व में कांग्रेस आगामी चुनावों और राजनीतिक चुनौतियों के लिए नई रणनीति तैयार कर सकती है।