Knews Desk– अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। World Health Organization ने हाल ही में कांगो और युगांडा में फैल रहे इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांगो में अब तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 200 से अधिक लोगों की मौत होने की आशंका जताई गई है।
बताया जा रहा है कि इस बार इबोला का Bundibugyo स्ट्रेन तेजी से फैल रहा है, जिसके लिए अभी तक कोई प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालात को देखते हुए युगांडा में भी नए मामले सामने आए हैं और सीमा से जुड़े इलाकों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है।

भारत सरकार ने भी एहतियात बरतते हुए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। सरकार ने एयरपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि संक्रमित यात्रियों की पहचान समय रहते की जा सके।
इधर अमेरिका समेत कई देशों ने भी एयरपोर्ट स्क्रीनिंग और हेल्थ मॉनिटरिंग को सख्त कर दिया है। Centers for Disease Control and Prevention ने यात्रियों की जांच के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी और अंदरूनी रक्तस्राव शामिल हैं। हालांकि WHO ने फिलहाल वैश्विक स्तर पर खतरे को कम बताया है, लेकिन अफ्रीकी देशों में तेजी से बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।