KNEWS DESK- आज यानी 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। वैदिक ज्योतिष में नौतपा के इन 9 दिनों को बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब धरती पर सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है और इसी अवधि को नौतपा कहा जाता है। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून 2026 तक रहेगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नौतपा केवल गर्मी का समय नहीं बल्कि सूर्य और चंद्र देव दोनों की कृपा पाने का शुभ अवसर भी माना जाता है। इन दिनों में किए गए दान-पुण्य और पूजा-पाठ का विशेष फल मिलता है।
क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है नौतपा?
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल, ऊर्जा, स्वास्थ्य और नेतृत्व का कारक ग्रह माना गया है। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब उनकी किरणें अधिक प्रभावशाली हो जाती हैं। यही वजह है कि नौतपा के दौरान तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, उन्हें आत्मविश्वास, करियर और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में नौतपा के दौरान सूर्य उपासना करना बेहद शुभ माना गया है।
नौतपा में कैसे पाएं चंद्र देव का आशीर्वाद?
मान्यता है कि नौतपा के दौरान जल दान करने से चंद्रमा मजबूत होता है। चंद्र देव को मन, शांति और भावनाओं का कारक माना जाता है। ऐसे में तपती गर्मी में प्यासे लोगों को पानी पिलाना, मीठा शरबत बांटना या सार्वजनिक स्थानों पर पानी से भरे मटके रखना बेहद पुण्यदायी माना गया है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से मानसिक तनाव कम होता है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नौतपा में क्या करें?
नौतपा के दिनों में सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य को जल अर्पित करें।
इसके अलावा गायत्री मंत्र का जाप करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। जरूरतमंदों को जल, फल, शरबत और छाता दान करें। अधिक से अधिक पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन उपायों से सूर्य और चंद्र दोनों ग्रहों का शुभ प्रभाव प्राप्त होता है।
नौतपा और मानसून का क्या है संबंध?
ग्रामीण परंपराओं में नौतपा को मौसम और कृषि से जोड़कर भी देखा जाता है। मान्यता है कि नौतपा जितना अधिक गर्म होता है, आने वाला मानसून उतना ही बेहतर माना जाता है। यही वजह है कि किसान समुदाय के लिए भी नौतपा का विशेष महत्व होता है। भारतीय संस्कृति में नौतपा केवल ज्योतिषीय घटना नहीं, बल्कि प्रकृति और ऋतु परिवर्तन का महत्वपूर्ण संकेत भी माना जाता है।