KNEWS DESK- ट्विशा शर्मा मामले में आरोपी समर्थ सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ जहां बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने उनका वकालत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर भोपाल पहुंचा दिया है। पूरे मामले को लेकर कानूनी और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि समर्थ सिंह को अगली समीक्षा तक वकालत करने से निलंबित किया जाता है। इसका मतलब है कि अब वह किसी भी अदालत में कानूनी प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। बीसीआई का यह फैसला मामले की गंभीरता को देखते हुए लिया गया है।

समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और उन पर लगे आरोपों के बाद लगातार विवादों में बने हुए हैं। इस बीच पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, समर्थ सिंह ने जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की थी, लेकिन वहां उनकी कोशिश सफल नहीं हो सकी।
जबलपुर जिला अदालत में सुनवाई के दौरान जज आशुतोष सोनी ने स्पष्ट कहा कि जिस जिले में मामला दर्ज है, वहीं की अदालत में सरेंडर और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होगी। चूंकि ट्विशा शर्मा से जुड़ा मामला भोपाल जिला अदालत में चल रहा है, इसलिए जबलपुर कोर्ट ने समर्थ सिंह का सरेंडर स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ भोपाल लेकर पहुंची।
फिलहाल समर्थ सिंह जिला कोर्ट में पुलिस अभिरक्षा में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ट्विशा शर्मा केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोग बीसीआई के फैसले को सही बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी वकील का लाइसेंस सस्पेंड होना बेहद गंभीर मामला होता है। यह कदम तभी उठाया जाता है जब मामला न्याय व्यवस्था और पेशे की गरिमा से जुड़ा हो। ऐसे में समर्थ सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है।
अब सभी की नजर भोपाल कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं पुलिस भी लगातार साक्ष्य जुटाने और मामले की तह तक पहुंचने में लगी हुई है।