KNEWS DESK- देशभर में मई के महीने में भी बेमौसम बारिश का दौर जारी है। उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार बदलते मौसम ने गर्मी से राहत दी हुई है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून को लेकर बड़ी खुशखबरी दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस बार तय समय से पहले भारत की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि मॉनसून 15 मई तक अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पहुंच सकता है। सामान्य तौर पर मॉनसून 20 मई के आसपास अंडमान पहुंचता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार तेज बताई जा रही है।
अगर यही स्थिति बनी रही तो मॉनसून 1 जून तक केरल तट पर दस्तक दे सकता है और इसके बाद धीरे-धीरे महाराष्ट्र समेत देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने मॉनसून की गति को तेज कर दिया है। इसके साथ ही एक चक्रवाती सिस्टम भी सक्रिय हो रहा है, जो मॉनसून के प्रवाह को मजबूत करने में मदद कर रहा है।
IMD के अनुसार 16 मई तक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास भारी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में घनघोर बारिश होने की संभावना जताई गई है।
हालांकि पिछले साल 2025 में मॉनसून 13 मई को अंडमान पहुंच गया था, लेकिन इस बार भी इसकी रफ्तार सामान्य से काफी तेज बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अंडमान में जल्दी पहुंचने का असर केरल में मॉनसून की एंट्री पर भी पड़ सकता है।
एक तरफ जहां मॉनसून की जल्दी दस्तक राहत भरी खबर है, वहीं मौसम विभाग ने एक चिंता भी जाहिर की है। IMD के अनुसार इस साल देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस बार देश में औसतन करीब 80 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है, जबकि सामान्य लंबी अवधि का औसत लगभग 87 सेंटीमीटर माना जाता है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Nino) की स्थिति बनने लगी है। आमतौर पर अल नीनो मॉनसूनी बारिश को कमजोर करता है और कई राज्यों में कम वर्षा की वजह बन सकता है।