सस्ता समझकर खरीदना पड़ सकता है महंगा! सरकार ने ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर किया अलर्ट!

KNEWS DESK- ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता ट्रेंड लोगों को बड़े डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स की ओर तेजी से खींच रहा है। लेकिन कई बार यही सस्ते ऑफर ग्राहकों को महंगे पड़ सकते हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करने से पहले ऑफर की सभी शर्तों और अंतिम बिल को ध्यान से जांचना बेहद जरूरी है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कई मामलों में हिडन चार्जेस यानी छिपे हुए शुल्क बाद में जुड़ जाते हैं, जिससे ग्राहक को उम्मीद से ज्यादा भुगतान करना पड़ता है।

“जागो ग्राहक जागो” अभियान के तहत जारी हुई चेतावनी

सरकार के “जागो ग्राहक जागो” अभियान के तहत उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सोशल मीडिया पर एक जागरूकता संदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि केवल भारी डिस्काउंट देखकर तुरंत ऑर्डर करना समझदारी नहीं है। कई ई-कॉमर्स वेबसाइट्स और ऐप्स पर ऑफर के साथ डिलीवरी चार्ज, प्लेटफॉर्म फीस, टैक्स और अन्य अतिरिक्त शुल्क भी जोड़े जाते हैं, जो शुरुआत में साफ नजर नहीं आते।

विभाग ने ग्राहकों से अपील की है कि किसी भी ऑफर का लाभ लेने से पहले उसकी टर्म्स एंड कंडीशंस जरूर पढ़ें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी या आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।

अंतिम बिल में बढ़ सकते हैं छिपे हुए शुल्क

ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ग्राहक अक्सर शुरुआती कीमत देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन पेमेंट के समय फाइनल बिल काफी बढ़ जाता है। इसकी वजह हिडन चार्जेस होते हैं, जिनमें डिलीवरी फीस, हैंडलिंग चार्ज, प्लेटफॉर्म फीस और टैक्स शामिल हो सकते हैं। सरकार का कहना है कि कई ग्राहक ऑफर की शर्तों को ठीक से नहीं पढ़ते, जिसके कारण उन्हें बाद में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसके सभी शुल्कों की जानकारी लेना जरूरी है।

शिकायत के लिए 1915 हेल्पलाइन पर करें संपर्क

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ग्राहक को सही सहायता नहीं मिलती है, तो वह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) से संपर्क कर सकता है।

ग्राहक 1915 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 8800001915 पर मैसेज भेजकर भी मदद ली जा सकती है। विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान में सहायता करती है और जरूरत पड़ने पर संबंधित कंपनी से भी संपर्क करती है।

समझदार ग्राहक बनने की दी सलाह

सरकार ने लोगों से ऑनलाइन भुगतान करने से पहले फाइनल बिल को ध्यान से जांचने की अपील की है। विभाग के अनुसार, जागरूक ग्राहक वही होता है जो केवल आकर्षक डिस्काउंट देखकर फैसला नहीं करता, बल्कि हर छोटी जानकारी को समझकर खरीदारी करता है।

साथ ही यह भी कहा गया कि अगर कोई ऑफर जरूरत से ज्यादा आकर्षक दिखाई दे, तो उसकी शर्तों को और अधिक ध्यान से पढ़ना चाहिए। सही जानकारी और सतर्कता ही ऑनलाइन फ्रॉड और अतिरिक्त खर्च से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

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