Knews Desk-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती ‘पोचिशे बोइशाख’ के अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने टैगोर को एक असाधारण दार्शनिक, शिक्षाविद, कलाकार और भारत की सभ्यतागत आत्मा की कालजयी आवाज बताया। उन्होंने कहा कि टैगोर ने अपने विचारों और रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की गहराई और मानवता की भावनाओं को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने समाज को नवीन विचारों, रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक आत्मविश्वास से समृद्ध किया। उनके लेखन और दर्शन ने न केवल साहित्य जगत को प्रभावित किया, बल्कि देश की सोच और सामाजिक चेतना को भी नई दिशा दी। पीएम मोदी ने कहा कि टैगोर की विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी और उनके विचार हमेशा समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी गुरुदेव को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ‘पोचिशे बोइशाख’ के पावन अवसर पर हम रवींद्रनाथ टैगोर को अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते हैं। उन्होंने टैगोर को एक महान साहित्यिक विभूति, दूरदर्शी शिक्षाविद और गहन विचारक बताया, जिनकी रचनात्मकता और दर्शन मानवता और भारतीय सभ्यता के मूल्यों को लगातार मजबूत करते हैं।
रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती बंगाली कैलेंडर के अनुसार
रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती बंगाली कैलेंडर के अनुसार 25वें बोइशाख को मनाई जाती है, जिसे ‘रवींद्र जयंती’ के रूप में पूरे देश में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। उनका जन्म 7 मई 1861 को हुआ था। उनकी रचनाएं जैसे गीतांजलि, काबुलीवाला, और अनेक कविताएं आज भी साहित्य प्रेमियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं और वैश्विक साहित्य में उनका महत्वपूर्ण स्थान है।
इसी बीच, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धांजलि आयोजनों के साथ पूरे देश में टैगोर को याद किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में इस अवसर पर विशेष आयोजन भी हो रहे हैं, जहां कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां शामिल हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने इस अवसर पर टैगोर के विचारों को आज के समय में और अधिक प्रासंगिक बताया और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।