Knews Desk- भोपाल के चर्चित 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए सस्पेंड किए गए सभी 7 इंजीनियरों को बहाल कर दिया है। बहाल किए गए अधिकारियों में दो चीफ इंजीनियर भी शामिल हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि तीन इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब भोपाल में बनाए गए रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन को लेकर सवाल खड़े हुए थे। ब्रिज का मोड़ लगभग 90 डिग्री एंगल पर बनाया गया था, जिसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी आलोचना हुई थी। लोगों ने इसे खतरनाक और तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण बताते हुए सरकार और लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।

विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए पीडब्ल्यूडी के 7 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया था। इनमें वरिष्ठ स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। अब सरकार ने समीक्षा के बाद सभी इंजीनियरों की बहाली का फैसला लिया है। हालांकि जिन तीन इंजीनियरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप हैं, उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी।
सरकार के इस फैसले के बाद विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि डिजाइन में कोई खामी नहीं थी तो सस्पेंशन क्यों किया गया, और अगर गलती थी तो फिर बहाली किस आधार पर की गई। वहीं सरकार का कहना है कि तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।