Knews Desk-पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. बंगाल में जहां ममता बनर्जी सरकार का 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया है, वहीं तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK सरकार गठन की कोशिशों में जुटी हुई है. दोनों राज्यों में जारी सियासी हलचल ने राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यपाल आर. एन. रवि ने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा भंग करने का आदेश जारी कर दिया. राजभवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह फैसला 7 मई 2026 से प्रभावी माना जाएगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यकाल भी समाप्त हो गया और राज्य मंत्रिमंडल स्वतः भंग हो गया. नोटिफिकेशन में कहा गया कि राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह कदम उठाया है. इस अधिसूचना पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के भी हस्ताक्षर हैं.

विधानसभा भंग होने के बाद पश्चिम बंगाल में पिछले डेढ़ दशक से चला आ रहा तृणमूल कांग्रेस का शासन समाप्त हो गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है. इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के कोलकाता दौरे को लेकर भी हलचल तेज हो गई है. अमित शाह थोड़ी देर में कोलकाता पहुंचेंगे, जहां वह प्रसिद्ध Dakshineswar Kali Temple में पूजा-अर्चना करेंगे. इसके अलावा वे भाजपा नेताओं के साथ कई अहम बैठकों में भी शामिल होंगे. माना जा रहा है कि बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

उधर तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं. अभिनेता और TVK प्रमुख C. Joseph Vijay ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं. हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई है. इसके बाद से राज्य में नई राजनीतिक जोड़तोड़ शुरू हो गई है. AIADMK प्रमुख Edappadi K. Palaniswami ने अपने विधायकों के साथ बैठक कर पार्टी को एकजुट रहने का संदेश दिया है. वहीं कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने के संकेत देकर राज्य की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है. कांग्रेस के इस रुख से DMK और कांग्रेस के संबंधों में तनाव की चर्चा भी तेज हो गई है.
इस बीच विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है. हालांकि राज्यपाल ने समर्थन देने वाले दलों के पत्र मांगे हैं. दूसरी ओर DMK प्रमुख M. K. Stalin ने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी विपक्ष में बैठकर नई सरकार के कामकाज पर नजर रखेगी. अब तमिलनाडु में VCK, CPI, CPM और अन्य छोटे दलों का रुख तय करेगा कि विजय बहुमत साबित कर पाएंगे या राज्य में नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिलेंगे.