डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखे तीर छोड़े हैं। पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों और उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों पर बोलते हुए राजभर ने दावा किया कि अब सबका फोकस यूपी पर है और 2027 में एनडीए गठबंधन 2017 से भी बड़ी जीत दर्ज करेगा। राजभर ने अखिलेश यादव के बहुचर्चित ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की नई परिभाषा गढ़ते हुए कहा कि अखिलेश के लिए PDA का मतलब केवल “डिंपल यादव और शिवपाल यादव” है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान अखिलेश को केवल ‘अल्ला’ याद आते हैं, लेकिन सत्ता जाते ही उन्हें पिछड़ों और दलितों की याद सताने लगती है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव की PDA की डेफिनेशन बार-बार बदल रही है, यह जनता को गुमराह करने का जरिया मात्र है।
“ममता दीदी के भाई का बुरा हाल”
पश्चिम बंगाल के नतीजों का जिक्र करते हुए राजभर ने दावा किया कि बंगाल का रिजल्ट देखकर अखिलेश यादव चार घंटे तक बेहोश बैठे थे। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि कोयला घोटाले के पैसे से बंगाल में चुनाव मैनेजमेंट एजेंसियां लगाई गईं। राजभर ने अखिलेश को सलाह दी कि “ममता दीदी के भाई अखिलेश जी, अगर आप बंगाल जा रहे हैं तो थोड़ा झालमुड़ी खाकर आइएगा, क्योंकि वहां अराजकता का जो हाल है, उसे देखकर सपाई अब हमारी तरफ देख रहे हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजभर ने सपा को बड़ा झटका देते हुए घोषणा की कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव (आजमगढ़) जावेद आलम अपने समर्थकों के साथ सुभासपा में शामिल हो रहे हैं। राजभर ने दावा किया कि बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग अब सपा का साथ छोड़ एनडीए के साथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो वसूलीबाज न हो, वह सपाई हमारे साथ आ जाए, क्योंकि अभी कई सालों तक वसूली का मौका नहीं मिलने वाला।”
‘टीपू और पप्पू’ के ख्वाब कभी नहीं होंगे पूरे
राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी पर निशाना साधते हुए राजभर ने उन्हें ‘टीपू और पप्पू’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ये दोनों मिलकर मुंगेरीलाल के हसीन ख्वाब देख रहे हैं, जो कभी पूरे नहीं होंगे। राजभर ने कड़े शब्दों में कहा, “माफिया खत्म मतलब सपा खत्म। अखिलेश यादव संविधान और पिछड़ों के नाम पर झूठ बोलना बंद कर दें।” उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव केवल संस्थापक सदस्यों की बदौलत मुख्यमंत्री बने थे, अपने दम पर नहीं।
विकास और भ्रष्टाचार पर घेरा
राजभर ने पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार में सड़क बनवाने में भी जेबें भरी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार में हमने जनता के पैसे का सही इस्तेमाल कर कम लागत में बेहतर सड़कें बनवाई हैं। ईवीएम पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने पूछा, “क्या केरल की सरकार वोट चोरी से बनी है? क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वोट चोरी से सांसद बने हैं? जहां जीतते हैं वहां सब ठीक, जहां हारते हैं वहां गड़बड़ी बताते हैं।”