डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी की शानदार सफलता पर जनता को बधाई दी है। सीएम योगी ने इस जीत को केवल एक राजनीतिक विजय न मानकर इसे ‘सनातन संस्कृति और राष्ट्रवाद’ की वैचारिक जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि अराजकता और तुष्टीकरण के सामने अंततः सत्य और सनातन की ही विजय होती है।
“सनातन को मिटाने वाले खुद मिट गए”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग सनातन धर्म को अपमानित करने का प्रयास कर रहे थे, बंगाल की जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “सनातन सत्य है, शाश्वत है। इसे दबाया जा सकता है, लेकिन मिटाया नहीं जा सकता। बंगाल के राष्ट्रभक्त नागरिकों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और विरासत को चुनने का काम किया है। यह जीत उन सभी शक्तियों की पराजय है जो विभाजनकारी राजनीति में विश्वास रखते थे।”
बंगाल में राष्ट्रवाद का उदय
सीएम योगी ने चुनावी रैलियों के दौरान किए गए अपने दावों को दोहराते हुए कहा कि बंगाल की जनता ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से डरने वालों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना चुकी थी। उन्होंने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के कड़े परिश्रम को देते हुए कहा कि अब बंगाल में विकास और सुशासन का नया अध्याय शुरू होगा, जहाँ हर नागरिक बिना किसी डर के अपने त्योहार और परंपराएं मना सकेगा।
तुष्टीकरण की राजनीति का अंत
योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल का परिणाम पूरे देश के लिए एक संदेश है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति अब अपनी अंतिम सांसें ले रही है। जनता अब केवल विकास और सुरक्षा चाहती है। मुख्यमंत्री ने बंगाल के कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और हिंसा के बीच उन्होंने जिस तरह ‘सनातन ध्वज’ को थामे रखा, वह वंदनीय है।