KNEWS DESK – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो Mamata Banerjee को विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका लगा है। भवानीपुर सीट से हार के साथ-साथ उनकी पार्टी All India Trinamool Congress (TMC) को भी करारी हार का सामना करना पड़ा है।
चुनावी नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि वह हारी नहीं हैं, बल्कि “वोट लूटे गए हैं।” उन्होंने यह भी ऐलान कर दिया कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सुवेंदु अधिकारी बोले- सब संविधान में लिखा है
भवानीपुर सीट से Mamata Banerjee को हराने वाले भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सब कुछ संविधान में स्पष्ट लिखा हुआ है।
उन्होंने कहा, “मुझे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है। जो होना है, वह संविधान के अनुसार होगा।”
भाजपा सांसद बोले- संविधान का अपमान
भाजपा सांसद Raju Bista ने ममता बनर्जी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से कहती हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, तो यह भारत के संविधान का अपमान है।
उन्होंने कहा, “ममता दीदी पहले भी कई बार संविधान का अनादर कर चुकी हैं, लेकिन इस बार जनता का जनादेश साफ तौर पर उनके खिलाफ गया है। वह सिर्फ संविधान ही नहीं, बल्कि बंगाल की जनता का भी अपमान कर रही हैं।”
राजू बिस्ट ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल अब आगे बढ़ चुका है और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में विकास की राह पर चल रहा है।
TMC सांसद बोले- इस्तीफे का सवाल ही नहीं
दूसरी ओर, TMC सांसद Kalyan Banerjee ने ममता बनर्जी का बचाव करते हुए कहा कि पिछले तीन महीनों से मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू था, ऐसे में वह पहले ही सक्रिय रूप से मुख्यमंत्री की भूमिका में नहीं थीं।
उन्होंने कहा, “जब सरकार प्रशासनिक रूप से चीफ सेक्रेटरी के जरिए चल रही थी, तो इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता।”
कल्याण बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि काउंटिंग के दौरान “चोरी” हुई है। उन्होंने कहा कि काउंटिंग एजेंट्स पर CISF और CRPF द्वारा हमला किया गया और उन्हें बाहर निकाल दिया गया, जिससे लोकतंत्र को बड़ा खतरा पैदा हुआ।
पूर्व ब्यूरोक्रेट ने समझाया संवैधानिक पक्ष
पूर्व ब्यूरोक्रेट Jawhar Sircar ने कहा कि जैसे ही विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होता है, विधानसभा स्वतः भंग हो जाती है और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग परिणामों को अंतिम रूप देकर विधानसभा को भेजता है, जिसके बाद नए विधायकों को प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं और नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होता है।
रिटायर्ड जज बोले- इस्तीफा नहीं देने पर भी दिक्कत नहीं
रिटायर्ड जस्टिस Debasish Kar Gupta ने भी इस मुद्दे पर कहा कि संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत राज्यपाल मुख्यमंत्री को शपथ दिलाते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद पुरानी कैबिनेट का कार्यकाल समाप्त हो जाता है, लेकिन परंपरा के अनुसार पुराने मुख्यमंत्री को कुछ दिनों के लिए केयरटेकर मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
उनके मुताबिक, अगर ममता बनर्जी तुरंत इस्तीफा नहीं देती हैं, तब भी संवैधानिक संकट नहीं पैदा होगा, क्योंकि आगे का फैसला राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा तनाव
ममता बनर्जी के “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी” वाले बयान ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। विपक्ष इसे जनादेश का अपमान बता रहा है, जबकि TMC इसे चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का परिणाम मान रही है।