डिजिटल डेस्क- असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूर्वोत्तर की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) ने न केवल जीत की हैट्रिक लगाई है, बल्कि दो-तिहाई बहुमत के साथ विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा एक बार फिर राज्य की कमान संभालने जा रहे हैं। इस बड़ी जीत के बाद सरमा अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए और उन्होंने कांग्रेस पर तीखा तंज कसते हुए अपनी जीत का श्रेय विपक्षी नेताओं की ‘गलतियों’ को भी दिया।
बीजेपी का ‘मिशन 100+’ कामयाब: पहली बार अपने दम पर बहुमत
असम की 126 विधानसभा सीटों में से एनडीए ने 102 सीटों पर कब्जा जमाकर रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल की है। इस चुनाव की सबसे बड़ी बात यह रही कि बीजेपी ने पहली बार असम में 82 सीटें जीतकर अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इससे पहले 2016 और 2021 में पार्टी 60-60 सीटों पर सिमट गई थी। सहयोगी दलों में बोडो पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) ने 10-10 सीटें जीतकर गठबंधन को मजबूती दी। दूसरी ओर, कांग्रेस महज 19 सीटों पर सिमट गई है, जबकि एआईयूडीएफ (AIUDF) और रायजोर दल को सिर्फ 2-2 सीटें मिली हैं। टीएमसी को राज्य में मात्र एक सीट से संतोष करना पड़ा है।
हिमंता का तंज: “पवन खेड़ा ने मेरी मदद की”
जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने मेरी जीत की राह आसान कर दी। उनकी वजह से गौरव गोगोई भी चुनाव हार गए। असम पुलिस ने उन्हें (खेड़ा को) पूछताछ के लिए बुलाया है, जब वे आएंगे तो मैं उन्हें असम का मशहूर पेड़ा खिलाऊंगा।” मुख्यमंत्री सरमा ने अपने संबोधन में हिंदू मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा, “यह जीत बीजेपी, पीएम मोदी और हिंदुओं की जीत है। हिंदू मुझे जितना जिता सकते थे, उतना जिताया।” साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे बांग्लादेशी मुसलमानों का वोट नहीं चाहिए, लेकिन इस बार असमिया मुसलमानों (स्वदेशी मुस्लिम) ने खुलकर हमें वोट दिया है, जो एक सकारात्मक बदलाव है।”
बंगाल की जीत को बताया ‘राष्ट्रीय गौरव’
पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और ममता बनर्जी के 15 साल पुराने शासन के अंत पर सरमा ने खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे ‘देश की जीत’ करार देते हुए कहा, “बंगाल में जीत तो 2021 में भी हो सकती थी, लेकिन तब वहां के लोगों में सुरक्षा को लेकर डर था। अब बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है, जो पूरे भारत के लिए गौरव की बात है।”