डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर रात एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। थाना इस्लामनगर क्षेत्र के पास एक अनियंत्रित डबल डेकर बस खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और सो रहे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में 27 से अधिक यात्री घायल हो गए हैं, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा एक्सप्रेसवे पर स्थित टोल प्लाजा के पास हुआ। तेज रफ्तार डबल डेकर बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी और लुधियाना से आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आधी रात के सन्नाटे में टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दराज के लोग भी सहम गए। बस के ट्रक से टकराते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। चारों ओर दर्द से कराहते लोगों की आवाजें गूंजने लगीं। अंधेरे और बस के क्षतिग्रस्त मलबे के बीच फंसे यात्रियों में भगदड़ मच गई।
रेस्क्यू और राहत कार्य
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय राहगीरों और आसपास के लोगों ने हिम्मत दिखाई और राहत कार्य शुरू किया। खिड़कियां तोड़कर और मलबे को हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सभी 27 घायलों को आनन-फानन में संभल जिले के बहजोई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, कई यात्रियों के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों का तांता लगा हुआ है।
नींद की झपकी बनी हादसे की वजह!
शुरुआती जांच और यात्रियों के बयानों के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि बस चालक को नींद की झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। एक्सप्रेसवे पर रफ्तार अधिक होने की वजह से ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सीधे आगे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। हादसे के बाद से बस चालक मौके से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
यातायात और वर्तमान स्थिति
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। क्षतिग्रस्त बस और ट्रक के बीच फंसने से एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे करवाया और रास्ता साफ कराया। प्रशासन अब घायलों की शिनाख्त कर उनके परिजनों को सूचित करने में जुटा है। यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर रात के समय होने वाली तेज रफ्तार और ड्राइवरों की थकान जैसे गंभीर मुद्दों की ओर इशारा कर रहा है।