शिव शंकर सविता- शहर के बहुचर्चित लैंबोर्गिनी हिट एंड रन मामले में पुलिस की 180 पन्नों की चार्जशीट ने रसूखदारों के उस चेहरे को बेनकाब कर दिया है, जो कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे थे। ग्वालटोली इलाके में हुए इस दर्दनाक हादसे में तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में पुख्ता सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल की है। इस जांच रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि हादसे के तुरंत बाद आरोपी को पुलिस के हवाले करने के बजाय उसके निजी बाउंसरों ने कानून को हाथ में लिया और उसे मौके से फरार करवा दिया।
बाउंसरों का ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ और पुलिस की जांच
पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, जैसे ही तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी ने राहगीरों और ई-रिक्शा को टक्कर मारी, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लग्जरी कार के एयरबैग खुलने के कारण शिवम अंदर फंस गया था। तभी पीछे से आ रही दूसरी गाड़ी में सवार बाउंसरों ने तत्काल मोर्चा संभाला। उन्होंने कार का शीशा तोड़कर शिवम को बाहर निकाला और गुस्साई भीड़ के हत्थे चढ़ने से पहले ही उसे दूसरी कार में बैठाकर वहां से रफूचक्कर कर दिया। पुलिस ने दावा किया है कि यह पूरी कवायद साक्ष्यों को प्रभावित करने और आरोपी को बचाने के उद्देश्य से की गई थी। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लग्जरी कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
CCTV फुटेज और 10 गवाहों की गवाही
इस हाईप्रोफाइल केस को सुलझाने में CCTV कैमरों ने सबसे अहम भूमिका निभाई है। पुलिस ने चार अलग-अलग लोकेशन के फुटेज को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दुर्घटना के चंद मिनटों के भीतर बाउंसरों ने एक संगठित तरीके से आरोपी को मौके से हटाया। इसके अलावा, पुलिस ने 10 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें हादसे में घायल हुए लोग और स्थानीय दुकानदार शामिल हैं। गवाहों ने पुष्टि की है कि कार चलाने वाला व्यक्ति ही मुख्य आरोपी था। हालांकि, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रसूख का इस्तेमाल कर ‘ड्राइवर बदलने’ की कोशिश की गई थी, ताकि शिवम को बचाया जा सके, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
क्या था पूरा मामला?
यह हादसा कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र में हुआ था, जहां अनियंत्रित लैंबोर्गिनी ने सड़क पर कहर बरपाया था। इस टक्कर की चपेट में आने से ई-रिक्शा चालक समेत करीब 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लग्जरी कार की कीमत और आरोपी के बड़े कारोबारी घराने से ताल्लुक रखने के कारण यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा।