Knews Desk-नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विकास को नई रफ्तार देने वाली एक अहम योजना सामने आई है, जिसके तहत इन दोनों शहरों को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के लिए हापुड़ बाईपास से आगे करीब 15 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था और शहरी ढांचे को बदलने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।
योजना के अनुसार, लगभग 105 मीटर चौड़ी सड़क विकसित की जाएगी, जो सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी। इस कनेक्टिविटी के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा से एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का समय घटकर महज 30 से 45 मिनट रह जाएगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा समय में कमी के साथ-साथ ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम होगा।

इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर प्रस्तावित छह लेन की एलिवेटेड रोड है। इस एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए भारी वाहनों और माल ढुलाई के लिए अलग मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी और माल परिवहन अधिक तेज और सुगम हो सकेगा। नई सड़क और एलिवेटेड रोड के निर्माण से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच भी काफी आसान हो जाएगी। यह सुविधा खासतौर पर उद्योग और निर्यात से जुड़े व्यवसायों के लिए फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि वे अपने उत्पादों को तेजी से एयर कार्गो टर्मिनल तक पहुंचा सकेंगे। इससे क्षेत्र में व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस पूरी योजना को ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2041 में शामिल किया जा रहा है। प्राधिकरण के सीईओ के प्रस्ताव पर बोर्ड द्वारा इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे साफ है कि इसे प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा। आने वाले वर्षों में यह परियोजना क्षेत्र की आधारभूत संरचना को नई दिशा देगी। इसके अलावा, इस नई सड़क को आगे चलकर एनएच-91 और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक बड़े और मजबूत परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बन जाएंगे, जो दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा।
ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण ने IIT की मदद लेने का भी निर्णय लिया है। परी चौक, नॉलेज पार्क, एक्सपो मार्ट और पी3 गोल चक्कर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ट्रैफिक सुधार के लिए नई योजनाएं लागू की जाएंगी। इससे शहर के व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यही कारण है कि इसे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए एक “गेम चेंजर” के रूप में देखा जा रहा है।