KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें मिट्टी की खुदाई के दौरान टीला ढहने से मां-बेटी समेत तीन महिलाओं की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और गांव में मातम का माहौल है।
यह हादसा मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के चक थांभा गांव का है। जानकारी के अनुसार, सुबह के समय कुछ महिलाएं और बच्चे घर की पुताई के लिए पास के तालाब से मिट्टी लेने गए थे। इसी दौरान मिट्टी की अनियंत्रित खुदाई के चलते वहां एक सुरंग जैसी संरचना बन गई, जिसमें लोग अंदर तक चले गए।
खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी का टीला भरभराकर गिर गया और वहां मौजूद लोग मलबे के नीचे दब गए। हादसा इतना तेज और अचानक हुआ कि किसी को बचने का मौका ही नहीं मिला। मौके पर मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखा तो चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी फैल गई।
सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबे से सभी को बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने 45 वर्षीय गीता देवी, उनकी 8 वर्षीय बेटी अंकिता और पड़ोसन उत्तरा देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गीता का बेटा अमित कुमार और एक अन्य महिला तिजिया देवी गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद नारा चौकी पुलिस और मंझनपुर तहसील प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिना किसी सुरक्षा उपाय के मिट्टी की खुदाई की जा रही थी, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। एक ही परिवार की मां और बेटी की मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी किस तरह बड़े और जानलेवा हादसों का कारण बन सकती है।