डिजिटल डेस्क- अशांत मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच सुरक्षा बलों ने उखरुल जिले में एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर उग्रवादियों और उपद्रवियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पहाड़ी इलाकों में बने 23 अवैध बंकरों को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही, भारी मात्रा में विस्फोटक और 18 शक्तिशाली आईईडी (IED) बरामद किए गए हैं, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन उखरुल जिले के सुदूर और ऊंचे इलाकों में चलाया गया। खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ उपद्रवी गुटों ने पहाड़ियों की चोटियों पर अवैध बंकर बना रखे हैं, जहाँ से वे घाटी और आसपास के इलाकों पर नजर रखते थे और सुरक्षा बलों पर हमला करने की फिराक में थे। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर इन बंकरों को जमींदोज कर दिया। बंकरों की इतनी बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि उपद्रवी लंबे समय तक टिकने और सुरक्षा घेरे को चुनौती देने की तैयारी कर रहे थे।
18 IED की बरामदगी से टला बड़ा हादसा
बंकरों के ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा बलों को जो सबसे चौंकाने वाली चीज मिली, वह थी 18 आईईडी। ये विस्फोटक इतने शक्तिशाली थे कि इनके जरिए सुरक्षा बलों के काफिले या सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता था। बम निरोधक दस्ते ने इन विस्फोटकों को सुरक्षित कब्जे में लेकर निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा भारी मात्रा में हथियार और अन्य युद्धक सामग्री भी जब्त की गई है।
सुरक्षा बलों का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान
मणिपुर में पिछले कई महीनों से जारी जातीय हिंसा और तनाव के बीच सेना, असम राइफल्स और राज्य पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही है। सुरक्षा बलों का स्पष्ट संदेश है कि राज्य की शांति भंग करने वाले किसी भी अवैध ढांचे या हथियारबंद गुट को बख्शा नहीं जाएगा। उखरुल में हुई यह कार्रवाई उग्रवादी समूहों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि इन बंकरों के जरिए वे अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे।
शांति की राह में चुनौतियां बरकरार
हालांकि इस ऑपरेशन को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन मणिपुर के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में अभी भी कई ऐसे ठिकाने होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन और आधुनिक तकनीक के जरिए इन इलाकों की निगरानी कर रही हैं। सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें ताकि समय रहते बड़ी घटनाओं को टाला जा सके।