डिजिटल डेस्क- भारत के बड़े हिस्से में एक बार फिर कुदरत का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने एक ताजा और बेहद गंभीर बुलेटिन जारी करते हुए देश के 15 राज्यों को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है। 2 मई से 4 मई के बीच उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत और पहाड़ों तक भारी बारिश, ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी का तांडव देखने को मिल सकता है। अगर आप अगले 48 घंटों में घर से निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए पढ़ना अनिवार्य है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों में एक सक्रिय ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। साथ ही, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इन दो प्रणालियों के टकराने से पूरे उत्तर-पूर्वी और मध्य भारत में अस्थिरता पैदा हो गई है, जो मूसलाधार बारिश का कारण बनेगी।
इन 15 राज्यों में ‘मूसलाधार’ संकट
2 मई को जिन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है, उनमें शामिल हैं: बिहार, झारखंड, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, तमिलनाडु और केरल। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान हवा की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है, जो कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुँचाने के लिए काफी है।
यूपी और दिल्ली: 4 मई को ‘ब्लैकआउट’ जैसी स्थिति की आशंका
उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में असली खतरा 4 मई को मंडराएगा।
- दिल्ली: 4 और 5 मई को राजधानी में भारी बारिश की संभावना है। तापमान में गिरावट तो आएगी, लेकिन 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती हैं।
- उत्तर प्रदेश: यूपी के बाराबंकी, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, आगरा, लखनऊ और गोंडा सहित दो दर्जन से अधिक जिलों में तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है। बाराबंकी और आसपास के इलाकों में किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
बिहार: चक्रवाती हवाओं का दिखेगा असर
बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और चंपारण समेत कई जिलों में 2 मई को भारी गर्जना के साथ बारिश होगी। पटना में तापमान गिरकर 31 डिग्री तक आ सकता है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन आंधी से जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहेगा। उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली और हरिद्वार तथा हिमाचल के शिमला, मंडी और मनाली में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन (Landslides) की चेतावनी दी गई है। मनाली में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। पहाड़ों की यात्रा कर रहे पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे ढलानों और नदी किनारे जाने से बचें।