शिव शंकर सविता- भाग्यनगर (हैदराबाद) के आईटी हब में काम करने वाले एक 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आत्महत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। मृतक की पहचान सीताराम के रूप में हुई है, जिसने शहर की प्रसिद्ध हुसैन सागर झील में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह मामला तब और भी पेचीदा हो गया जब पुलिस को सीताराम का 19 पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए अपनी पत्नी और उसके कथित संबंधों को जिम्मेदार ठहराया है। घटना की जानकारी तब हुई जब हुसैन सागर झील के किनारे सीताराम का कुछ सामान मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद सीताराम का शव झील से निकाला गया। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना गया, लेकिन मृतक के पास से बरामद हुए सुसाइड नोट ने मामले की दिशा बदल दी है।
सुसाइड नोट में लिखी ‘धोखे’ की दास्तां
सीताराम ने अपने सुसाइड नोट में अपनी पत्नी रेनुका पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। 19 पन्नों के इस पत्र में उसने अपने दिल का सारा दर्द उड़ेल दिया है। सीताराम ने लिखा कि वह पिछले काफी समय से मानसिक प्रताड़ना और वैवाहिक कलह से गुजर रहा था। उसने दावा किया कि पिछले 18 महीनों के दौरान उसकी पत्नी के तीन अलग-अलग पुरुषों के साथ अवैध संबंध रहे। नोट के अनुसार, सीताराम को इस बात की भनक तब लगी जब उसकी पत्नी के निजी पलों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उसने आरोप लगाया कि रामणा नाम के एक व्यक्ति ने इंस्टाग्राम पर उसकी पत्नी के निजी वीडियो प्रसारित किए थे। सीताराम ने लिखा कि इन वीडियो को देखने के बाद उसका समाज में सिर झुक गया और वह गहरे सदमे (ट्रॉमा) में चला गया।
“मेरे पीछे घर आते थे गैर मर्द”
सुसाइड नोट में सीताराम ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह काम के सिलसिले में घर से बाहर होता था, तब उसकी पत्नी से मिलने अन्य व्यक्ति उसके घर आया करते थे। उसने अपनी भावनात्मक पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा कि उसने हमेशा अपनी पत्नी को खुश रखने की कोशिश की और उसे हर सुख-सुविधा दी, लेकिन बदले में उसे सिर्फ ‘विश्वासघात’ मिला। सीताराम के अनुसार, निजी वीडियो का सार्वजनिक होना उसके लिए आखिरी कील साबित हुआ, जिससे तंग आकर उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। हैदराबाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि उसकी लिखावट की पुष्टि की जा सके। इसके अलावा, पुलिस उन डिजिटल साक्ष्यों (वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट) की भी जांच कर रही है जिनका उल्लेख नोट में किया गया है।