शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। एक 24 वर्षीय युवक ने अपने ऊपर चढ़े कर्ज को उतारने के लिए किसी और को नहीं, बल्कि अपने ही परिवार को मोहरा बनाया। उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची और परिजनों से एक लाख रुपये की फिरौती मांग डाली। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और मुस्तैदी के आगे यह फर्जी किडनैपिंग का ड्रामा ज्यादा देर टिक नहीं सका।
क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 27 अप्रैल 2026 को हुई, जब थाना जाजमऊ क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि उसका बेटा फैज (24) लापता है। परिजनों ने बताया कि फैज एक दिन पहले अपनी स्कूटी से काम पर निकला था, लेकिन घर वापस नहीं लौटा। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे गुमशुदगी का मामला मानकर जांच शुरू की। लेकिन मामले ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब फैज के परिजनों के पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने दावा किया कि फैज का अपहरण कर लिया गया है और उसकी सकुशल रिहाई के बदले एक लाख रुपये की फिरौती देनी होगी। अपहरण की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस की जांच में गाजियाबाद निकली लोकेशन
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम गठित की। सर्विलांस और सीडीआर (CDR) की मदद से जब युवक की लोकेशन ट्रेस की गई, तो वह गाजियाबाद में मिली। पुलिस टीम ने तत्काल गाजियाबाद में दबिश दी। वहां पुलिस ने फैज के साथी फसमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद परतें खुलनी शुरू हुईं। फसमान ने पुलिस को बताया कि फैज का अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और यह सब एक सोची-समझी योजना का हिस्सा है।
मालिक का 20 हजार कर्ज बना साजिश की वजह
पुलिस की बढ़ती दबिश और गिरफ्तारी के डर से फैज गाजियाबाद से भागकर कानपुर लौट आया और थाना रेल बाजार क्षेत्र में अपनी मौसी के घर छिप गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे वहां से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में फैज ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने मालिक से 20,000 रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने का कोई रास्ता न देख उसने अपने दोस्त और एक रिक्शा चालक को लालच देकर इस फर्जी अपहरण का ड्रामा रचा। उसने सोचा था कि डरे हुए परिजन पैसे दे देंगे, जिससे उसका कर्ज उतर जाएगा और बाकी पैसे वह ऐश-ओ-आराम पर खर्च करेगा। कानपुर पुलिस के अनुसार, फैज और उसके साथियों ने अलग-अलग किस्तों में परिजनों से पैसे की मांग की थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और इस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।