Knews Desk- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए एग्जिट पोल के नतीजे सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले अंतिम चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं, जब यह साफ होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। इस बार का चुनाव दो चरणों में संपन्न हुआ। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें रिकॉर्ड 92.88 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। वहीं दूसरे चरण में 7 जिलों की 142 सीटों पर भी भारी मतदान देखने को मिला। दोनों चरणों में मतदाताओं की भारी भागीदारी ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया है।

एग्जिट पोल के शुरुआती संकेतों के अनुसार मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है। एक तरफ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में “कमल” खिलाने के दावे कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार का मुकाबला काफी करीबी हो सकता है और कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। कांग्रेस और वाम दलों की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर मानी जा रही है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में वे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। राजनीतिक समीकरण इस बार वोटों के बिखराव और नए मतदाताओं की भागीदारी से और भी जटिल हो गए हैं।
चुनाव के दौरान राज्य में रिकॉर्ड मतदान ने सभी दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जहां TMC इसे अपने विकास कार्यों पर जनता के भरोसे का संकेत मान रही है, वहीं BJP का दावा है कि जमीनी स्तर पर बदलाव की लहर चल रही है। हालांकि सभी दलों ने एग्जिट पोल को केवल अनुमान बताया है और कहा है कि असली तस्वीर 4 मई को मतगणना के बाद ही साफ होगी। चुनाव आयोग ने भी स्पष्ट किया है कि अंतिम परिणाम ही निर्णायक होंगे।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का एग्जिट पोल मुकाबला बेहद रोमांचक बना रहा है और अब सबकी निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।