KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के तहत 142 विधानसभा सीटों पर मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो इस चरण में जनता की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती हैं। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रही है।
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है। कई संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।
हालांकि, इस भारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress ने नाराजगी जताई है। पार्टी नेता Abhishek Banerjee ने तंज कसते हुए कहा कि राज्य में सुरक्षा बलों की तैनाती जरूरत से ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी फोर्स की तैनाती सीमाओं पर होनी चाहिए, न कि राज्य के अंदर।
वहीं, मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बाहरी पर्यवेक्षकों की मौजूदगी और प्रशासनिक कार्रवाई चुनाव को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दल के पोस्टर हटाए गए हैं और कुछ जगहों पर मतदाताओं में डर का माहौल बनाया जा रहा है।
इस चरण में कुल 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिनमें 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। मतदान के लिए 41,001 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
गौरतलब है कि पहले चरण में 23 अप्रैल को हुए मतदान में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। वर्ष 2021 के चुनाव में इन 142 सीटों में से अधिकांश पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इस बार भी भवानीपुर सीट पर मुकाबला खासा दिलचस्प माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल का यह चुनाव चरण राजनीतिक रूप से बेहद अहम है, जहां सुरक्षा, आरोप-प्रत्यारोप और भारी मतदान के बीच लोकतंत्र का उत्सव जारी है।