जापान में 6.1 तीव्रता के भूकंप के झटकों से थर्रायी धरती, जान बचाने को भागे लोग

डिजिटल डेस्क- जापान एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों से दहल उठा। सोमवार तड़के आए इस भूकंप ने लोगों को नींद से जगा दिया और कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई, जिसका केंद्र होक्काइडो क्षेत्र में था। एजेंसी ने जानकारी दी कि भूकंप सुबह करीब 5:24 बजे (भारतीय समयानुसार 01:54 बजे) आया। इसका असर खासतौर पर टोकाची के मध्य क्षेत्र में अधिक महसूस किया गया, जहां तीव्रता ‘5+’ दर्ज की गई। कुछ अन्य इलाकों में इसकी तीव्रता 5 से थोड़ी कम रही, लेकिन झटके इतने मजबूत थे कि लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।

किसी बड़े नुकसान और जनहानि की खबर नहीं

भूकंप ऐसे समय आया जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, जिससे दहशत और भी बढ़ गई। कई स्थानों पर लोगों ने अचानक जमीन हिलने का अनुभव किया, जिससे वे सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और संभावित आफ्टरशॉक्स के लिए तैयार रहें। एजेंसी ने साफ कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग घबराएं नहीं, बल्कि शांति बनाए रखें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के भूकंप के बाद छोटे-छोटे झटके (आफ्टरशॉक्स) आना सामान्य बात है, जो कभी-कभी खतरनाक भी हो सकते हैं।

कुछ दिन पहले ही आया था 7.5 तीव्रता का भूकंप

राहत की बात यह है कि इस भूकंप के बाद किसी भी प्रकार की सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है। जापान जैसे भूकंप-प्रवण देश में यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि समुद्र के भीतर आने वाले तेज भूकंप अक्सर सुनामी का खतरा पैदा कर देते हैं। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले, 20 अप्रैल को जापान के पूर्वोत्तर और उत्तरी हिस्सों में 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था। उस समय हालात ज्यादा गंभीर थे और सुनामी की चेतावनी भी जारी करनी पड़ी थी।कुजी बंदरगाह के इवाते प्रान्त पर करीब 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहर दर्ज की गई थी, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी।

क्यों आता है बार-बार भूकंप

विशेषज्ञों का कहना है कि जापान ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां बहुत अधिक होती हैं। यही कारण है कि यहां बार-बार भूकंप आते रहते हैं। देश ने इस खतरे से निपटने के लिए मजबूत इमारतों, एडवांस अलर्ट सिस्टम और आपदा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था विकसित की है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई नई जानकारी या खतरा सामने आता है, तो तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा।