शिव शंकर सविता- झारखंड के बोकारो जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। पति-पत्नी के रिश्ते में जहां विश्वास और सम्मान सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं, वहीं इस रिश्ते में दरिंदगी का ऐसा रूप देखने को मिला, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया। पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के चाकुलिया पंचायत स्थित रामडीह गांव में एक पति ने मामूली विवाद के चलते अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी की पहचान विकास रजवार के रूप में हुई है, जबकि मृतका का नाम सोनू देवी बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि उसने खूनी रूप ले लिया।
तीखी बहस बनी हिंसक, गुस्से में पत्नी को उतारा मौत के घाट
बताया जा रहा है कि विवाद की वजह सोनू देवी का मायके जाने की जिद करना था। वह अपने घर जाना चाहती थी, लेकिन विकास इसके लिए तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और गुस्से में अंधे विकास ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाकर पत्नी पर हमला कर दिया। आरोप है कि उसने सीधे सोनू देवी के गले पर वार किया, जो इतना घातक था कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। लेकिन इस वारदात के बाद जो हुआ, उसने इस घटना को और भी भयावह बना दिया। पत्नी की हत्या करने के बाद विकास को कोई पछतावा नहीं हुआ। उसने शराब पी और फिर खून से लथपथ शव के पास ही पूरी रात सोता रहा। इस खौफनाक घटना का खुलासा रविवार सुबह हुआ। जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को शक हुआ। उन्होंने दरवाजा खुलवाया तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। बिस्तर पर सोनू देवी का खून से सना शव पड़ा था और पास में ही विकास गहरी नींद में सो रहा था। यह मंजर देखकर परिजनों की चीख निकल गई और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद, आरोपी पति गिरफ्तार
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी विकास रजवार को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू विवाद का लग रहा है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इसके पीछे कोई और कारण भी था। यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे गुस्से और आवेश में लिया गया एक फैसला किसी की जान ले सकता है और कई जिंदगियों को हमेशा के लिए तबाह कर देता है। समाज के लिए यह एक चेतावनी भी है कि रिश्तों में संवाद और संयम बनाए रखना कितना जरूरी है, वरना नतीजे बेहद भयावह हो सकते हैं।