Knews Desk– जापान अपनी घटती जनसंख्या और तेजी से बढ़ती उम्रदराज आबादी की समस्या से निपटने के लिए लगातार नए-नए प्रयोग कर रहा है। इसी दिशा में अब एक बेहद अनोखी और चर्चा में रहने वाली योजना सामने आई है, जिसमें सरकार युवाओं को डेटिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के लिए आर्थिक सहायता देने की तैयारी कर रही है। इस कदम का मकसद युवाओं को रिश्तों और विवाह की ओर प्रेरित करना और देश में जन्म दर को बढ़ाना है।
जनसंख्या संकट से परेशान जापान
जापान पिछले कई वर्षों से गंभीर डेमोग्राफिक संकट का सामना कर रहा है। यहां जन्म दर लगातार गिर रही है, जबकि बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां युवा आबादी शहरों की ओर पलायन कर रही है और छोटे शहर धीरे-धीरे खाली होते जा रहे हैं।

डेटिंग ऐप्स पर सब्सिडी की योजना
इस समस्या से निपटने के लिए जापान के कुछ प्रांतीय प्रशासन ने एक नई योजना शुरू की है। इसके तहत 20 से 39 वर्ष की उम्र के अविवाहित युवाओं को डेटिंग ऐप्स और मैचमेकिंग सेवाओं के इस्तेमाल पर आर्थिक सब्सिडी दी जाएगी। यह सहायता लगभग 20,000 येन (करीब 12,000 रुपये) तक हो सकती है, जो इन ऐप्स की सदस्यता और उपयोग शुल्क को कवर करने में मदद करेगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य युवाओं के बीच रिश्ते बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है, ताकि अधिक लोग शादी और परिवार की ओर कदम बढ़ा सकें।
क्यों लिया गया यह फैसला?
जापान में शादी की दरों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। हालांकि लोग पहले की तुलना में अधिक डेटिंग ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक दबाव, काम का तनाव और असुरक्षित भविष्य जैसी वजहों से कई युवा शादी से दूरी बना रहे हैं। सरकार का मानना है कि अगर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले खर्च को कम किया जाए, तो अधिक लोग रिश्ते बनाने के लिए आगे आएंगे।
मिश्रित प्रतिक्रिया और आलोचना
इस योजना को लेकर सोशल मीडिया और विशेषज्ञों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे आधुनिक और व्यावहारिक कदम मान रहे हैं, जबकि कई आलोचकों का कहना है कि सिर्फ डेटिंग ऐप्स को सब्सिडी देने से जन्म दर की समस्या हल नहीं होगी। कई विश्लेषकों का मानना है कि असली समस्या महंगाई, लंबे काम के घंटे और परिवार पालने की बढ़ती लागत है, जिसे सुधारने की जरूरत है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रयोग
जापान इससे पहले भी कई अनोखी नीतियां आजमा चुका है, जिनमें सरकारी मैचमेकिंग ऐप, डेटिंग इवेंट्स और प्रोत्साहन योजनाएं शामिल हैं। कुछ क्षेत्रों में तो सरकार ने विवाह और परिवार बनाने को बढ़ावा देने के लिए विशेष बजट तक जारी किया है। जापान का यह कदम दिखाता है कि देश अपनी घटती जनसंख्या को लेकर कितनी गंभीरता से सोच रहा है। हालांकि यह देखना बाकी है कि क्या डेटिंग ऐप्स पर सब्सिडी जैसी योजनाएं वास्तव में युवाओं को रिश्तों और विवाह की ओर आकर्षित कर पाएंगी या नहीं।