डिजिटल डेस्क- मध्य प्रदेश के चर्चित कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया उनका भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जमकर तारीफ की और एक ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब देश में कहीं आपदा आती है तो आम लोग अपनी जान बचाकर भागते हैं, लेकिन आरएसएस का कार्यकर्ता वहां जाकर दूसरों की जान बचाने का काम करता है। उन्होंने आरएसएस को सेवा और समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि “यह है आरएसएस की असली पहचान।” इसी क्रम में उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “चार बच्चे पैदा करो और उनमें से एक को आरएसएस को समर्पित करो, ताकि वह समाज की सेवा कर सके।” उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं।
जल्द पूरा हो अखंड भारत का सपना- धीरेंद्र शास्त्री
कार्यक्रम में मोहन भागवत भी मौजूद थे। धीरेंद्र शास्त्री ने उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि भागवत हमेशा मुस्कराते रहें, ताकि जल्द ही “अखंड भारत” का सपना पूरा हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि भागवत के नेतृत्व में देश में कुछ बड़ा परिवर्तन होगा और “बालाजी” उनसे महत्वपूर्ण कार्य करवाएंगे। इस आयोजन में देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी समेत कई प्रमुख नेता और संत भी मौजूद थे, जिससे कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया।
वीर शिवाजी महाराज का किया जिक्र
अपने भाषण के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर भी एक बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि युद्धों से थककर शिवाजी महाराज ने सत्ता छोड़ने का विचार किया था और इसके लिए वे समर्थ रामदास के पास गए थे। हालांकि, रामदास स्वामी ने उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया कि एक शिष्य का कर्तव्य अपने गुरु के आदेशों का पालन करना होता है, इसलिए उन्हें ही शासन संभालना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। हाल ही में प्रयागराज में उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म पर बड़ा संकट है और सभी सनातनियों को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का लक्ष्य आसान नहीं है और इसके लिए बलिदान की आवश्यकता होगी।