राहुल गांधी के साथ रहने से…….. अमित शाह का कांग्रेस-टीएमसी पर जोरदार हमला

Knews Desk-पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दम दम उत्तर विधानसभा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने भाषण में विपक्षी दलों पर कई गंभीर आरोप लगाए और चुनावी माहौल को और गर्मा दिया।

अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पहले खड़गे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करते थे, लेकिन राहुल गांधी के साथ आने के बाद उनकी भाषा में बदलाव आ गया है। शाह ने कहा कि “राहुल गांधी के साथ रहने का असर यह हुआ है कि कांग्रेस अध्यक्ष अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री पर हमला करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसका कोई असर जनता पर नहीं पड़ेगा। शाह के अनुसार, जितना ज्यादा विपक्ष प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी करेगा, उतना ही ज्यादा जनता का समर्थन भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा। अपने संबोधन में अमित शाह ने यह भी दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद ममता बनर्जी की सरकार का अंत तय है और राज्य में नई राजनीतिक व्यवस्था देखने को मिलेगी। शाह ने यह भी दावा किया कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री बंगाल का ही कोई स्थानीय व्यक्ति होगा।

जनसभा में उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की कि वे टीएमसी के “बहकावे” में न आएं और सोच-समझकर मतदान करें। शाह ने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य को तय करने वाला चुनाव है। अमित शाह ने अपने भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान आतंकवादियों के प्रति नरमी दिखाई जाती थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाती है और किसी भी हमले का जवाब उसी की भाषा में दिया जाता है।

उन्होंने दावा किया कि अब आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर जवाब दिया जाता है और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाता। शाह ने इसे सरकार की मजबूत नीति का हिस्सा बताया। इसके अलावा, अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी और कांग्रेस के विरोध के कारण इस बिल को लागू करने में देरी हुई, जिससे महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने में बाधा आई।

अपने भाषण के अंत में शाह ने चुनावी तारीखों और मतगणना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 4 मई को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और धीरे-धीरे नतीजे सामने आएंगे। शाह ने दावा किया कि दोपहर तक परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे और ममता बनर्जी की विदाई तय हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव का मकसद केवल विधायक चुनना नहीं है, बल्कि “घुसपैठिया मुक्त बंगाल” बनाना भी है। शाह ने जनता से अपील की कि वे राज्य के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मतदान करें।

इसी बीच, अमित शाह ने एक और बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर विवादित ढांचे से जुड़े किसी भी निर्माण को अनुमति नहीं दी जाएगी। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। , दम दम की इस रैली ने बंगाल चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। एक तरफ जहां भाजपा विपक्ष पर लगातार हमलावर है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी और कांग्रेस भी इन आरोपों का जवाब देने की तैयारी में हैं। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है, जिससे चुनावी जंग और दिलचस्प हो गई है।

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