Knews Desk-तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर सामने आ रही कथित छेड़छाड़ की खबरों पर चुनाव आयोग (EC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने साफ कहा है कि EVM के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़, उसे प्रभावित करने की कोशिश या अजीब तरीके से इस्तेमाल करना गंभीर चुनावी अपराध माना जाएगा और इसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक हलकों में यह दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग EVM के बटन पर खुशबू, स्याही या अन्य पदार्थ लगाकर यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि वोट किस उम्मीदवार के पक्ष में गया है। इन दावों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने तत्काल प्रतिक्रिया दी है।चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि EVM के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को ‘टैंपरिंग’ यानी चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर इस तरह की गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित पीठासीन अधिकारी को तुरंत सेक्टर ऑफिसर या रिटर्निंग ऑफिसर को सूचना देनी होगी।
EVM के बैलेट यूनिट पर किसी भी तरह का रंग लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान का आदेश भी दिया जा सकता है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वोट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए EVM के बैलेट यूनिट पर किसी भी तरह का रंग, स्याही, परफ्यूम या रासायनिक पदार्थ लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसा करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इसे चुनावी अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
मतदान कर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए
चुनाव आयोग ने सभी मतदान कर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखें। यदि किसी भी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।तमिलनाडु में जहां एक ही चरण में सभी 234 सीटों पर मतदान 23 अप्रैल को होगा, वहीं पश्चिम बंगाल में 294 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पश्चिम बंगाल में पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को निर्धारित है। दोनों राज्यों में मतगणना 4 मई को होगी।चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सभी पोलिंग बूथों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
आयोग ने राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक माहौल भी थोड़ा गर्म हो गया है, लेकिन चुनाव आयोग ने साफ संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।