डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच दिन बाद कब्र खोदकर शव बाहर निकाला। यह कार्रवाई मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और जिलाधिकारी की अनुमति से की गई। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के असली कारण का खुलासा हो सके। यह घटना काकोरी क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव की है। मृतका की पहचान शांति देवी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में इस मामले में उनकी बहू शालिनी रावत की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, मामले में नामजद आरोपी करन की तलाश के लिए पुलिस टीम उन्नाव भेजी गई है।
रोटी में जहर देकर मारने की आशंका
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि शांति देवी को जहर देकर मारने की साजिश रची गई थी। मौके से आधी खाई हुई रोटी बरामद की गई थी, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। माना जा रहा है कि इसी रोटी में जहर मिलाकर हत्या की गई। अगर एफएसएल रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होती है, तो यह मामले का सबसे अहम सबूत साबित होगा। शनिवार को जैसे ही कब्र से शव निकाले जाने की खबर गांव में फैली, मौके पर भारी भीड़ जुट गई। पुलिस को लोगों को हटाकर पूरे क्षेत्र को खाली कराना पड़ा। इसके बाद करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कब्र को खोदकर शव बाहर निकाला गया। यह पूरा घटनाक्रम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
भांजे से प्रेम प्रसंग के चलते दिया घटना को अंजाम
जांच में सामने आया है कि आरोपी बहू शालिनी का अपने रिश्ते के भांजे करन के साथ प्रेम प्रसंग था। शांति देवी इस रिश्ते का विरोध कर रही थीं, जिससे नाराज होकर दोनों ने मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि पांच अप्रैल की रात शालिनी ने खाने में जहर मिलाकर सास को दे दिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां छह अप्रैल को उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिवार ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के शव को खेत में दफना दिया, ताकि मामला दबा रहे। लेकिन गांव के ही एक रिश्तेदार किशोर ने इस साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें शालिनी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।