KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर चुनावी मुकाबले को और तेज कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता में पार्टी का “भरोसा पत्र” लॉन्च किया, जिसमें युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं।
इस बार बीजेपी ने अपने घोषणापत्र को ‘संकल्प पत्र’ की जगह ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया है। पार्टी का कहना है कि यह दस्तावेज पश्चिम बंगाल के विकास का रोडमैप है और हर वर्ग को नई उम्मीद देने वाला है।
अमित शाह ने कहा कि बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही गरीब महिलाओं को भी हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में देने का वादा किया गया है।
घोषणापत्र में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा भी शामिल है। वहीं सरकारी कर्मचारियों के लिए बकाया डीए (Dearness Allowance) का भुगतान 45 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
अमित शाह ने यह भी ऐलान किया कि बीजेपी की सरकार बनने पर 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। इसके अलावा भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और कानून व्यवस्था को लेकर तीन श्वेत पत्र लाने की बात भी कही गई है।
घोषणापत्र जारी करते हुए अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में राज्य में विकास की गति धीमी हुई है और जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी पश्चिम बंगाल को “डर और हिंसा के माहौल” से बाहर निकालकर विकास की राह पर ले जाएगी।
राज्य में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अमित शाह ने डेबरा में जनसंपर्क कार्यक्रम और खड़गपुर में रोड शो का भी कार्यक्रम तय किया है।
पार्टी को उम्मीद है कि उसका “भरोसा पत्र” मतदाताओं को आकर्षित करेगा और चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा। अब देखना होगा कि इन वादों का जनता पर कितना असर पड़ता है।