डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े पांच महीने तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस अहम सूची का औपचारिक ऐलान किया। नई मतदाता सूची में कुल 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं, जो राज्य की चुनावी तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस बार की सूची में करीब 84 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं। वहीं, प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या भी छह करोड़ के पार पहुंच गई है, जो चुनावी भागीदारी में बढ़ती महिला हिस्सेदारी का संकेत है। यह सूची कई मायनों में खास है, क्योंकि इसे तैयार करने में व्यापक सत्यापन, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और नए पंजीकरण की लंबी प्रक्रिया अपनाई गई है।
मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अप्रमाणित मतदाताओं के कटे नाम
हालांकि, इस बार बड़ी संख्या में नाम हटाए भी गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अप्रमाणित मतदाताओं को सूची से हटाया गया है, जिसके चलते कुल मतदाताओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम दिखाई दे सकती है। अनुमान है कि वर्ष 2025 की तुलना में इस बार करीब दो करोड़ कम मतदाता सूची में दर्ज हुए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2026 की शुरुआत 27 अक्टूबर 2025 को हुई थी। इसके तहत चार नवंबर से 26 दिसंबर 2025 तक गणना चरण चला। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल थे। इस ड्राफ्ट लिस्ट में 6.88 करोड़ पुरुष (54.83%), 5.67 करोड़ महिलाएं (45.17%) और 4,119 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे।
6 जनवरी से 6 मार्च तक थी आपत्ति दाखिल करने की अवधि
दावा और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक चली, जबकि नोटिस, सुनवाई और सत्यापन का कार्य 27 मार्च तक पूरा किया गया। इन सभी चरणों के बाद अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की गई। इस प्रक्रिया में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 3,33,981 नए युवा मतदाता भी जुड़े हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 0.27 प्रतिशत हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि युवा वर्ग की भागीदारी धीरे-धीरे बढ़ रही है। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का नाम अभी सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।