महाराष्ट्रः अजित पवार केस में FIR की शर्त पर अड़ी कांग्रेस, बारामती उपचुनाव से उम्मीदवार हटाने का दिया संकेत

डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव ने अचानक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है, जिससे पूरे राज्य की सियासत गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह चुनावी मैदान से पीछे हटने को तैयार नहीं है लेकिन इसके लिए एक बड़ी शर्त रखी गई है। कांग्रेस ने कहा है कि अगर पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की कथित विमान दुर्घटना मामले में एफआईआर दर्ज की जाती है, तभी पार्टी बारामती उपचुनाव से हटने पर विचार करेगी। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और उपचुनाव अब सीधे मुकाबले की ओर बढ़ता दिख रहा है। दरअसल, बारामती सीट पर उपचुनाव अजित पवार के निधन के कारण हो रहा है, जिनकी 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। उन्होंने इस सीट का आठ बार प्रतिनिधित्व किया था और यह क्षेत्र उनके मजबूत राजनीतिक गढ़ के रूप में जाना जाता रहा है। ऐसे में यह उपचुनाव भावनात्मक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से बेहद अहम माना जा रहा है।

आकाश मोरे को बनाया गया उम्मीदवार

कांग्रेस ने इस सीट से अपने राज्य इकाई सचिव आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया है, जो पूर्व सांसद विजय मोरे के बेटे और पेशे से वकील हैं। पार्टी का यह फैसला उस समय आया जब कुछ दलों की ओर से उपचुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिशें चल रही थीं। हालांकि कांग्रेस ने इन प्रयासों को खारिज करते हुए साफ कर दिया कि लोकतंत्र में चुनाव होना जरूरी है। कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव से पीछे हटने पर तभी विचार करेगी, जब अजित पवार के विमान हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस घटना को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं और पवार परिवार खुद भी इसकी जांच की मांग कर चुका है।

एनसीपी और शिवसेना निर्विरोध चुनाव कराने के पक्ष में

दिलचस्प बात यह है कि अन्य विपक्षी दल जैसे एनसीपी (शरद पवार गुट) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) इस उपचुनाव को निर्विरोध कराने के पक्ष में नजर आ रहे हैं। एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने भी अन्य उम्मीदवारों से नामांकन न भरने की अपील की थी, ताकि चुनाव बिना मुकाबले के हो सके। वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। अतुल लोंढे ने कहा कि पहले भी कई मौकों पर नेताओं के निधन के बाद उपचुनाव हुए हैं और वहां चुनाव लड़ा गया, इसलिए बारामती में अलग रवैया अपनाना उचित नहीं है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और एनसीपी के साथ मिलकर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है। सुनेत्रा पवार 12:30 बजे बारामती में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल करेंगी।

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