KNEWS DESK- दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है, जिसमें अरविंद केजरीवाल खुद पेश होकर अपनी दलीलें रख सकते हैं। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी समनों की अनदेखी के मामलों में बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है। हाल ही में हाई कोर्ट ने केजरीवाल को नोटिस जारी कर 29 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था और ट्रायल कोर्ट का पूरा रिकॉर्ड भी तलब किया था। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि पूर्व में नोटिस भेजे जाने के बावजूद केजरीवाल पेश नहीं हुए थे।
इस सुनवाई का एक अहम पहलू यह भी है कि केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से रिक्यूजल (मामले से अलग होने) की मांग की है। आम आदमी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, इस आवेदन पर सोमवार को बहस हो सकती है, जिसमें केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे। इससे पहले भी आरोपी पक्ष जज की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले को दूसरी बेंच में स्थानांतरित करने की मांग कर चुका है, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह सुनवाई काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अरविंद केजरीवाल जैसे वरिष्ठ नेता का अदालत में स्वयं उपस्थित होकर दलील देना एक दुर्लभ घटना है। इससे पहले ममता बनर्जी भी एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपनी बात रख चुकी हैं। ऐसे में सोमवार की सुनवाई न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम संकेत दे सकती है।