कानपुरः 10 साल बाद घर में गूंजी किलकारी… 5 घंटे में उजड़ गया सुहाग, नवजात के सिर से उठा पिता का साया

शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। खुशियों से भरे एक घर में कुछ ही घंटों के भीतर ऐसा मातम छा गया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। बिठूर थाना क्षेत्र के चंद्रिका गांव निवासी शिवनंदन सिंह के घर सोमवार को 10 साल बाद बेटे का जन्म हुआ था। परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। पत्नी जूली ने कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए बेटे को जन्म दिया। घर में खुशियों की लहर दौड़ गई फोन पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया, मिठाइयां बांटी गईं और हर कोई इस इंतजार के खत्म होने की खुशी मना रहा था। लेकिन किस्मत को शायद यह मंजूर नहीं था…

खुशियों से भरी शाम… और फिर मौत का अंधेरा

शाम करीब चार बजे बेटे के जन्म के बाद जूली को ICU में शिफ्ट किया गया। अस्पताल में मौजूद परिजन मां और बच्चे की देखभाल में जुटे थे। उधर, शिवनंदन खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। उन्होंने गांव जाकर घरवालों के लिए खाना और दूध लाने का फैसला किया। रात करीब नौ बजे जब वह बाइक से अस्पताल लौट रहे थे, तभी बिठूर-मंधना एलिवेटेड हाईवे पर एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर उछलकर गिर पड़े। लेकिन हादसा यहीं नहीं रुका… गिरते ही पीछे से आ रहे चार वाहन उन्हें रौंदते हुए निकल गए। कुछ ही सेकंड में सब कुछ खत्म हो गया। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

जिस बेटे को देखने की चाह थी… वह सपना अधूरा रह गया

शिवनंदन ने बेटे के जन्म की खबर सबसे पहले अपने गांव में दी थी। उनकी आवाज में खुशी छलक रही थी। उन्होंने सोचा था कि कुछ ही देर में अस्पताल पहुंचकर अपने बेटे को गोद में उठाएंगे, उसे पहली बार देखेंगे… लेकिन वह पल कभी नहीं आया। जिस गोद में बेटे को लेने का सपना उन्होंने 10 साल तक संजोया था, वह गोद हमेशा के लिए खाली रह गई। अस्पताल में जूली ICU में भर्ती हैं। उन्होंने अभी-अभी बेटे को जन्म दिया है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। ऐसे में परिजनों ने यह दर्दनाक खबर उनसे छुपा रखी है कि उनका सुहाग उजड़ चुका है। वह मां, जिसने अभी अपने बच्चे को जन्म दिया है, यह भी नहीं जानती कि उसका बच्चा अब बिना पिता के बड़ा होगा।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

शिवनंदन के परिवार में उनकी पत्नी जूली, छह साल की बेटी आयुषी और मां निर्मला हैं। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में जहां सुबह तक खुशियों की गूंज थी, वहीं अब सिर्फ सन्नाटा और रोने की आवाजें हैं। मां निर्मला का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी आयुषी बार-बार पूछ रही है “पापा कहां हैं?” लेकिन इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं… बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हाईवे पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान की जा सके।

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