डिजिटल डेस्क- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विज्ञापनों और क्रेडिट लेने की राजनीति से ऊपर उठकर काम कर रही है। सीएम रेखा ने कहा कि अगर उनकी जगह कोई और सरकार होती, तो आज हुए तीनों कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग विज्ञापन और तीन-तीन बार उद्घाटन किया जाता, जिससे लागत से कहीं ज्यादा पैसा खर्च हो जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार में ‘क्रेडिट की होड़’ नहीं है, बल्कि जनता का पैसा बचाने पर ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की दयनीय स्थिति को लेकर पिछली सरकारों पर कड़वा हमला किया। उन्होंने कहा कि डीटीसी लगातार परेशानी में था और 65 हजार करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा था। उनका आरोप था कि पिछली सरकारों ने डीटीसी को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा, “डीटीसी अपने पैरों पर खड़ी हो, इसके लिए दिल्ली सरकार प्रतिबद्ध है। हम पिछली सरकार की देनदारियों का काम भी कर रहे हैं।”
पिछली सरकारों से केवल मिले वादे
सीएम रेखा गुप्ता ने पिछले 11 सालों में समस्याओं के समाधान न होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में लोगों को केवल वादे मिले, सब्सिडी नहीं। उन्होंने कहा, “हम नीयत से ईमानदार हैं। आज हमने 24 करोड़ रुपये 12,877 लोगों के खातों में ट्रांसफर किए हैं। कुछ लोग हार गए और अचानक आ गए और ‘मैं कट्टर ईमानदार हूं’ का नाटक करने लगे।” उन्होंने बिना नाम लिए एक पूर्व मुख्यमंत्री पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि एक ऐसा मुख्यमंत्री था, जिसने अपने पास कोई भी विभाग नहीं रखा था। उन्होंने कहा, “शायद वे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन यह तो जानते होंगे कि मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखते हैं। उन्होंने इसलिए विभाग नहीं रखा, क्योंकि डर था कि अगर साइन हमारा हुआ तो हमें पकड़ा जाएगा।”
अपनी सरकार की गिनाईं उपलब्धियां
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम ने कहा कि आज दिल्ली में 6100 ईवी बसें हो गई हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि डेढ़ सौ करोड़ रुपये की लागत से 12 मंजिला डीटीसी मुख्यालय बनेगा, जिसका आज शिलान्यास किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने बदलती अर्थव्यवस्था में गिग वर्कर्स की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वे अब बेहद जरूरी हो गए हैं और उनके अधिकारों व सुरक्षा को सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार उनकी चिंताओं को दूर करेगी और उन्हें पर्याप्त सुविधाएं मुहैया कराएगी।