KNEWS DESK – टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला अब बेहद करीब है। 8 मार्च को भारत और न्यूजीलैंड की टीमें अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खिताबी जंग के लिए आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया मौजूदा चैंपियन के तौर पर मैदान में उतरेगी, लेकिन फाइनल से पहले कुछ ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो भारतीय फैंस की चिंता बढ़ा सकते हैं।
इतिहास से लेकर मौजूदा टूर्नामेंट के प्रदर्शन तक, तीन ऐसे पहलू हैं जिनमें न्यूजीलैंड की टीम भारत से आगे नजर आ रही है। यही कारण है कि फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है।
1. टी20 विश्व कप इतिहास में न्यूजीलैंड का दबदबा
मौजूदा टूर्नामेंट में भारत ने अब तक शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 में से 7 मुकाबले जीते हैं, जबकि सिर्फ एक मैच में हार का सामना किया है। वहीं न्यूजीलैंड ने 8 में से 5 मैच जीते, 2 हारे और एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया।
हालांकि अगर ओवरऑल टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड देखा जाए तो भारत 16-11 से न्यूजीलैंड पर बढ़त बनाए हुए है। लेकिन जब बात ICC Men’s T20 World Cup की आती है तो इतिहास भारतीय टीम के लिए उतना अच्छा नहीं रहा। टी20 विश्व कप में दोनों टीमें अब तक 3 बार भिड़ी हैं और तीनों ही बार जीत न्यूजीलैंड के खाते में गई है।
2. स्पिन गेंदबाजी में कीवी टीम का दम
इस टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने शानदार प्रदर्शन किया है। Mitchell Santner, Rachin Ravindra, Ish Sodhi, कोल मैककोन्ची और ग्लेन फिलिप्स ने मिलकर विपक्षी बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है।
न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने 7 पारियों में कुल 18 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी रेट करीब 7.5 रही। दूसरी ओर भारतीय स्पिनर्स ने 8 पारियों में 23 विकेट तो लिए, लेकिन उनकी इकॉनमी 8.3 रही, जो थोड़ा ज्यादा है। यानी रन रोकने के मामले में कीवी स्पिनर्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
3. बल्लेबाजी में भी आगे न्यूजीलैंड
इस टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी भी काफी प्रभावी रही है। टीम का औसत 41.68 रहा है, जो भारत के 27.31 के मुकाबले काफी बेहतर है। इसके अलावा कीवी टीम का स्ट्राइक रेट और रन रेट भी भारत से ज्यादा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के सिर्फ 2 बल्लेबाज ही बिना खाता खोले आउट हुए हैं, जबकि भारत के बल्लेबाज 11 बार शून्य पर आउट हो चुके हैं।
इन आंकड़ों को देखते हुए साफ है कि न्यूजीलैंड की टीम फाइनल में भारत को कड़ी टक्कर देने वाली है। हालांकि टीम इंडिया का अनुभव, मजबूत बल्लेबाजी और घरेलू परिस्थितियों का फायदा भी बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है।