‘फांसी घर’ मामले में केजरीवाल को नोटिस, AAP ने कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की उठाई मांग

KNEWS DESK – आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में विशेषाधिकार समिति के सामने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पेशी को लेकर बड़ा सवाल उठाया है. पार्टी ने मांग की है कि इस पूरी कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता को सच्चाई पता चल सके.

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को अपनी कार्यवाही लाइव दिखानी चाहिए और पत्रकारों को भी बैठक में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए. उनका कहना है कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी और किसी भी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं रहेगी.

फांसी घर मुद्दे पर केजरीवाल को बुलाया गया

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि खबरें आ रही हैं कि फांसी घर से जुड़े मुद्दे पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को विशेषाधिकार समिति के सामने बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि देश में हर राज्य में विधानसभा समितियां होती हैं और संसद में भी कई समितियां काम करती हैं, लेकिन भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह समिति के सामने बुलाने की जो परंपरा शुरू की है, उसके राजनीति पर दूरगामी असर हो सकते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता और दिल्ली की भाजपा सरकार इस फैसले के प्रभाव को ठीक से नहीं समझ रही है.

पारदर्शिता के लिए लाइव स्ट्रीमिंग जरूरी

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा की समितियां हमेशा से पारदर्शिता के लिए जानी जाती रही हैं. उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान भाजपा से ज्यादा समितियां चलाई गईं और कई मामलों में उनकी कार्यवाही का सीधा प्रसारण भी किया गया.

उन्होंने कहा कि जब भी किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर बैठक हुई या किसी व्यक्ति को बुलाया गया, तो उसकी मांग पर लाइव स्ट्रीमिंग कराई गई और पत्रकारों को भी अंदर बुलाया गया. साथ ही मीडिया से निष्पक्ष रिपोर्टिंग की अपील भी की गई थी.

भाजपा से पूछा सवाल

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल खुद समिति की कार्यवाही का लाइव प्रसारण कराने की मांग कर रहे हैं, तो स्पीकर को इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि स्पीकर को मीडिया के सामने आकर साफ करना चाहिए कि कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग होगी या नहीं.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर लाइव प्रसारण नहीं किया जाता है, तो यह भी बताया जाना चाहिए कि ऐसी कौन-सी बात है जिसे छिपाने के लिए कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है.

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