अलीगढ़ बस हादसाः प्रबंधक-चालक जेल भेजे गए, आरटीओ अफसर सस्पेंड

डिजिटल डेस्क- माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल की बस में हुए दिल दहला देने वाले हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जर्जर बस के टूटे फर्श से गिरकर 7 साल की मासूम अनन्या की मौत के मामले में स्कूल प्रबंधक और चालक को जेल भेज दिया गया है, जबकि परिवहन विभाग के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। घटना शनिवार की है, जब यूकेजी की छात्रा अनन्या छुट्टी के बाद स्कूल बस से घर लौट रही थी। आरोप है कि बस की हालत बेहद खराब थी। अचानक चलते वाहन का फर्श टूट गया और बच्ची उसी टूटे हिस्से से नीचे टायर के पास जा गिरी। पहिए के नीचे आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। पहले चरण में पुलिस ने बस चालक चंद्रप्रकाश को गिरफ्तार किया था। अब मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधक अरविंद यादव को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने दोनों पर गैर-इरादतन हत्या (धारा 304) और गंभीर लापरवाही की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पिता की शिकायतें रहीं अनसुनी

अनन्या के पिता रवि कुमार ने एफआईआर में खुलासा किया है कि उन्होंने कई बार पीटीएम के दौरान बस की खस्ता हालत को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने प्रबंधक से बस में एक हेल्पर रखने और टूटे फर्श की मरम्मत कराने की मांग भी की थी। लेकिन, उनके अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया। अगर समय रहते कदम उठाए जाते तो यह हादसा टल सकता था।

बिना परमिट दौड़ रही थी बस, अफसरों पर गिरी गाज

जांच में सामने आया है कि हादसे वाली बस (UP 81 BT 8873) का परमिट 19 सितंबर 2024 को ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद वाहन सड़कों पर दौड़ रहा था। परिवहन विभाग की ओर से स्कूल को फरवरी, जून और सितंबर 2025 में तीन बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले भी बस पर 27 हजार रुपये का चालान किया जा चुका था। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में आरटीओ वंदना सिंह और तत्कालीन आरआई चंपालाल को निलंबित कर दिया गया है। शासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्कूल की मान्यता पर खतरा

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा स्कूल की केयरटेकर रीना यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

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