KNEWS DESK- टी20 वर्ल्ड कप 2026 का नॉकआउट स्टेज शुरू होने जा रहा है, जहां एक भी हार टीम के ट्रॉफी जीतने के सपनों को समाप्त कर सकती है। 4 और 5 मार्च को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले फैंस के लिए रोमांचक साबित होंगे।
पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच शाम 7 बजे से खेला जाएगा। वहीं, दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच शाम 7 बजे से शुरू होगा। इन मुकाबलों में हारने वाली टीमें सीधे टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगी, इसलिए हर टीम के लिए यह मुकाबला निर्णायक होगा।
आईसीसी ने नॉकआउट मैचों के लिए विशेष नियम बनाए हैं ताकि बारिश या खराब मौसम से मुकाबले प्रभावित न हों। हर सेमीफाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया है। इसका मतलब है कि अगर पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाता, तो यह 5 मार्च को खेला जाएगा। इसी तरह, अगर दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को प्रभावित होता है, तो यह अगले दिन शिफ्ट किया जा सकता है।
विशेष स्थिति में, दोनों सेमीफाइनल एक ही दिन यानी 5 मार्च को खेले जा सकते हैं, लेकिन मैच का समय अलग रखा जाएगा। रिजर्व डे पर मैच दोपहर 3 बजे से शुरू किया जाएगा ताकि दोनों मुकाबलों का पूरा आनंद फैंस ले सकें। अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा और रिजर्व डे पर अधिक लचीलापन रखा गया है ताकि परिणाम निर्धारित किया जा सके।
टीम इंडिया के फैंस के लिए यह दौर बेहद रोमांचक है, क्योंकि घरेलू मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला होगा। साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच भी कड़ी टक्कर की उम्मीद है।
सेमीफाइनल जीतने वाली टीमें 8 मार्च को ट्रॉफी के लिए भिड़ेंगी। ICC के रिजर्व डे नियम से यह सुनिश्चित होता है कि मौसम या अन्य बाहरी परिस्थितियां किसी भी टीम की मेहनत पर असर न डालें, जिससे टूर्नामेंट का शेड्यूल सुचारू रूप से पूरा हो सके।
यह नॉकआउट चरण टी20 वर्ल्ड कप के सबसे रोमांचक और निर्णायक मुकाबलों में से एक माना जा रहा है, जहां हर टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना होगा।