KNEWS DESK- टी20 विश्वकप 2026 से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हलचल बढ़ गई है। पाकिस्तानी अखबार Express Tribune की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन से नाखुश होकर खिलाड़ियों पर 50-50 लाख पाकिस्तानी रुपये (लगभग 16 लाख भारतीय रुपये) का जुर्माना लगाया है।
हालांकि, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने इस जुर्माने को “छोटी सोच” बताया और पीसीबी से कुछ खिलाड़ियों पर और कठोर कार्रवाई की मांग की है। अफरीदी का कहना है कि कुछ खिलाड़ियों पर दो साल तक का बैन लगाया जाना चाहिए।
पाकिस्तानी न्यूज चैनल Samaa TV के साथ बातचीत में अफरीदी ने कहा, “पीसीबी का यह फैसला समझ में नहीं आता। 50 लाख रुपये किसी भी तरह से खिलाड़ियों की गलतियों को सुधारने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। मुझे लगता है कि यह कोई जुर्माना नहीं है।”
उन्होंने खिलाड़ियों के सुधार और संरचनात्मक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। अफरीदी ने कहा, “जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भेजा जाना चाहिए। कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मेरे हिसाब से दो साल तक पाकिस्तान टीम में वापस नहीं आने चाहिए। ये सजाएं पर्याप्त हैं।”
अफरीदी ने खिलाड़ियों के बेहतर वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी बात की। उनका कहना था कि जिन खिलाड़ियों को आराम की जरूरत है, उन्हें आराम दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि टीम में बदलाव और सुधार लाना बेहद जरूरी है।
अफरीदी ने जुर्माने पर सवाल उठाते हुए कहा, “50 लाख… यह पर्याप्त नहीं है। मुझे नहीं लगता कि पीसीबी की ओर से अब तक इसका कोई आधिकारिक बयान आया है।”
पाकिस्तान टीम सुपर-8 में इंग्लैंड के हाथों हार गई। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका सुपर-8 मैच बारिश की वजह से धुल गया, जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक मिले। श्रीलंका के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में पाकिस्तान को या तो 64 रन से या 13.1 ओवर में जीत हासिल करनी थी। टीम ने 212 रन बनाए, लेकिन जवाब में श्रीलंका ने 207 रन बनाकर नेट रन रेट के आधार पर न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल में जगह दिला दी।
इस हार के साथ ही पाकिस्तान ने लगातार कई आईसीसी टूर्नामेंटों में नॉकआउट में पहुंचने का सिलसिला बाधित किया है — 2023 वनडे विश्वकप, 2024 टी20 विश्वकप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद यह निराशाजनक रिकॉर्ड बना।
अफरीदी ने स्पष्ट किया कि सिर्फ जुर्माने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने बोर्ड से टीम में सुधार, संरचनात्मक बदलाव और खिलाड़ियों की मानसिक व शारीरिक तैयारियों पर ध्यान देने की मांग की है। पाकिस्तान क्रिकेट अब ऐसे सुधारों के दबाव में है, ताकि आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।